Potato Prices: आलू उत्पादन बेहतर होने के बाद नहीं हो रहा किसानों को मुनाफा, जानें क्यों?

Potato Prices: आलू उत्पादन बेहतर होने के बाद नहीं हो रहा किसानों को मुनाफा, जानें क्यों?

उत्तर प्रदेश में आलू का इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है. आलू का उत्पादन करने वाले आगरा और कानपुर मंडल में मंडी आलू से भरा हुआ है जिसके चलते इस बार सब्जियों के राजा को कोई भी भाव नहीं दे रहा है. आगरा में पिछले सालों की तरह लगने वाली कंपनियों की रैक  इस बार नहीं दिख रही है. भाव लगाने वाले खरीदार व्यापारी भी मंडियों से नदारद हैं.

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Potato Prices: आलू उत्पादन बेहतर होने के बाद नहीं हो रहा किसानों को मुनाफा, जानें क्यों?आलू का हुआ बंपर उत्पादन

उत्तर प्रदेश में आलू का इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है.आलू का उत्पादन करने वाले आगरा और कानपुर मंडल में मंडी आलू से भरा हुआ है जिसके चलते इस बार सब्जियों के राजा को कोई भी भाव नहीं दे रहा है. आगरा में पिछले सालों की तरह लगने वाली कंपनियों की रैक इस बार नहीं दिख रही है. भाव लगाने वाले खरीदार व्यापारी भी मंडियों से नदारद हैं. वही किसान को इस वर्ष बंपर पैदावार के बाद भी मंडियों में बिक रहे आलू के दाम पर घाटा होने लगा है. अब किसान आलू पैदावार को कोल्ड स्टोरेज में ट्रक और ट्रालियों के माध्यम से भेजने लगे हैं. कोल्ड स्टोरेज में आलू रखना अब किसान की मजबूरी बन चुकी है. किसान का मानना है कि कोल्ड स्टोरेज में आलू रखना एक जुए की तरह है. अगर अच्छा भाव मिल गया तो कुछ मुनाफा हो जाएगा, नहीं तो घाटे में ही बेचना पड़ेगा.

बंपर पैदावार से आलू किसान चिंतित

राजधानी लखनऊ का हरदोई जनपद से सटा हुआ इलाका आलू की पैदावार के लिए खास रूप से जाना जाता है. इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किसानों के द्वारा आलू की खेती होती है. इस बार कुन्नू खान ने भी करीब 35 बीघा आलू की खेती की थी. उन्होंने अपने खेतों में चिप्सोना आलू की किस्म लगाई थी. इस बार उत्पादन भी अच्छा हुआ लेकिन मंडियों में उन्हें दाम नहीं मिल रहा है. वर्तमान रेट पर आलू बेचने पर किसानों को घाटा हो रहा है. इसलिए वह अब मंडियों की बजाय कोल्ड स्टोरेज में अपने आलू को ले जाने की तैयारी कर रहे हैं.

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आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखना मजबूरी

आलू की खेती करने वाले आगरा के किसान मोहन सिंह बताते हैं कि इन दिनों आलू का भाव ना मिलने के चलते वह अब अपने आलू को लेकर एक और रिस्क लेने जा रहे हैं. इसलिए वे ही नहीं, बल्कि आगरा के आलू किसान आलू को लेकर एक जुआ खेलने जा रहे हैं.कोल्ड स्टोरेज में एक आलू की बोरी पर ₹115 का भंडारण किराया लगता है. इस तरह आलू को ले जाने और ले आने समेत भंडारण पर ₹300 प्रति क्विंटल की लागत आती है. इसके बावजूद भी अगर आलू का दाम 17 से  ₹18 प्रति किलो नहीं मिला तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा. वही आगरा में तो भारतीय किसान यूनियन ने आलू का एमएसपी 1800 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग की है, क्योंकि इस रेट पर ही आलू किसानों को फायदा होगा.

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