यूपी में मलिहाबाद के दशहरी आम की पैदावार पर आंधी-बारिश का असर पड़ा हैयूपी में मलिहाबाद के दशहरी आम की पहचान स्वाद और मिठास के कारण पूरे देश-दुनिया में मशहूर है. लेकिन इस बार आम की बागवानी करने वाले किसानों को मायूसी हाथ लगी है. इसी क्रम में अवध आम उत्पादक संघ के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि 22-23 मार्च को पूरे प्रदेश में आई आंधी-बारिश की वजह से आम की फसल की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. इस बार किसान विदेशों में एक्सपोर्ट कम कर पाएंगे, वहीं लखनऊ की लोकल मंडियों तक ही आम भेज सकेंगे.
उन्होंने बताया कि इस साल फसल खराब होने के कारण 1.25 मीट्रिक टन आम के उत्पादन होने की उम्मीद हैं. मलिहाबाद इलाके के किसान उपेंद्र सिंह बताते हैं कि 50 प्रतिशत आम की फसल खराब होने के बाद भी सरकार मुआवजा नहीं दे रही है. यूपी सरकार और केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान को ध्यान देना चाहिए. इसलिए बाजार में आम कुछ महंगा बिक रहा है. वहीं 50-60 रुपए किलो के भाव पर बिकने वाला आम इस सीजन 120-150 रुपए किलो तक मिलेगा. जबकि इस बार साइज भी पिछले सालों से थोड़ा छोटा रहने वाला है. इस बार 120 से 150 ग्राम वजन रहने की उम्मीद है.
अवध आम उत्पादक संघ के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि इस साल आम पर बौर बहुत ज्यादा थे, लेकिन आंधी-बारिश के कारण सभी बौर टूट गए. जिसके कारण आम की फसल बर्बाद हो गई.पिछले साल जो फसल मिली थी, उसकी तुलना में इस बार सिर्फ 50% फसल दिख रही है. उन्होंने बताया कि हर साल 500 टन से ज्यादा आम मलिहाबाद से एक्सपोर्ट होता है. मलिहाबादी दशहरी, जौहरी सफेदा और लखनउवा चौसा दुबई, जापान, अमेरिका से लेकर न्यूजीलैंड तक भेजा जाता है. लेकिन, आम के किसान पैदावार कम होने से परेशान हैं.
उपेंद्र सिंह ने बताया कि ‘दशहरी आम' तो 6 जून से ही तोड़ा जाने लगा है. हालांकि, बाजार में मांग ज्यादा होने की वजह से 100 से 150 रुपए के भाव से बिक रहा है. लेकिन अभी ये आम उतने रसीले और मीठे नहीं हैं. वहीं मॉनसून की बारिश शुरू होने यानी करीब 25 जून तक मार्केट में अच्छी क्वालिटी का आम मिलेगा. उनका स्वाद बहुत मीठा और रसीला होगा.
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