गन्ना समिति
उत्तर प्रदेश में प्रदेश गन्ना समितियों में कार्यरत 5000 कर्मियों को निबंधक का तोहफा मिला है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश के क्रम में आज प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने गन्ना समितियों तथा जिला एवं क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरण में बढ़े हुए डी ए की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है .सहकारी गन्ना समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने तथा कार्यरत कर्मियों के हितों के दृष्टिगत गन्ना आयुक्त एवं निबंधक सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल संजय आर भूसरेड्डी के द्वारा समितियों द्वारा लगातार सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं.गन्ना समितियों एवं प्राधिकरण के कर्मियों को बड़े हुए डी ए के रूप में सातवें वेतनमान की सिफारिशों को लागू किया गया है.
उत्तर प्रदेश में गन्ना समितियों तथा जिला एवं क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरण में 5000 से ज्यादा कर्मी कार्यरत है.इन कर्मियों के हितों की दृष्टिगत सहकारी गन्ना समिति उत्तर प्रदेश के निबंधक संजय भूसरेड्डी द्वारा बताया गया कि प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं प्राधिकरण में कार्यरत कर्मियों के आर्थिक हितों को देखते हुए उनका मनोबल बढ़ाने के लिए गन्ना समितियों के साथ-साथ क्षेत्रीय गन्ना सेवा प्राधिकरण में भी बढ़ा हुआ डी ए स्वीकृत किया गया है . डी ए का कैलकुलेशन बेसिक पे को आधार मानकर प्रतिशत में होता है.डी ए कर्मियों को महंगाई को ध्यान में रखते हुए उनके खर्चो को वहन करने में मदद करने के लिए दिया जाता है.निबंधक ने कर्मियों से भी अपेक्षा की है कि वह विभाग की विश्वसनीयता को बनाए रखें तथा गन्ना विभाग के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करें.
राज्य सरकार डी ए की गणना बेसिक पे को आधार मानकर प्रतिशत में करती है.महंगाई को ध्यान में रखते हुए उनके खर्चों को सहन करने में मदद करने के लिए डी ए दिया जाता है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today