Sugarcane Production: तमिलनाडु के इस क्षेत्र में गन्ने की बंपर पैदावार, पोंगल से पहले किसानों की आमदनी की बढ़ने की उम्मीद

Sugarcane Production: तमिलनाडु के इस क्षेत्र में गन्ने की बंपर पैदावार, पोंगल से पहले किसानों की आमदनी की बढ़ने की उम्मीद

पोंगल से पहले त्रिची के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है. बंपर पैदावार और बिना कमीशन सहकारी खरीद से बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जगी है. वहीं राज्य सरकार की 3,000 रुपये की नकद सहायता से त्योहार की तैयारी आसान होने वाली है.

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तमिलनाडु के इस क्षेत्र में गन्ने की बंपर पैदावार, पोंगल से पहले किसानों की आमदनी की बढ़ने की उम्मीदगन्‍ना उत्‍पादक किसान (फोटो- एएनआई)

तमिलनाडु के त्रिची (तिरुचिरापल्ली) में इस बार गन्ना किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. थिरुवलार चोलै, वायालूर, तुरैयूर और मुसिरी जैसे इलाकों में गन्ने की बंपर पैदावार दर्ज की गई है. करीब 200 एकड़ क्षेत्र में हुई अच्छी उपज को किसान अनुकूल मौसम और बेहतर खेती तकनीकों का नतीजा बता रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस सीजन में गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर रहे हैं, जिससे पोंगल से पहले आय बढ़ने की उम्मीद जगी है. थिरुवलार चोलै के किसान गणेसमूर्ति ने बताया कि उनके इलाके में 70 एकड़ से ज्यादा भूमि पर गन्ने की खेती हुई है. 

सहकारी समित‍ि से हो रही गन्ने की खरीद

गन्ने की खरीद सीधे सहकारी समितियों के जरिए की जा रही है, जहां किसी तरह का कमीशन या राजनीतिक दखल नहीं है. इससे किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया और उचित दाम मिल रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस व्यवस्था ने उनका भरोसा बढ़ाया है और भुगतान को लेकर अनिश्चितता भी कम हुई है. अच्छी पैदावार के चलते इलाके में आर्थिक स्थिरता की उम्मीद मजबूत हुई है, खासकर ऐसे समय में जब पोंगल जैसा बड़ा त्‍योहार नजदीक है.

चार दिनों तक चलेगा पोंगल पर्व

पोंगल पर्व 15 जनवरी से शुरू होगा, जो तमिल महीने मार्गशी के अंतिम दिन पड़ता है. यह त्योहार चार दिनों तक मनाया जाता है. पहले दिन भोगी पोंगल, दूसरे दिन थाई पोंगल, तीसरे दिन मट्टू पोंगल और चौथे दिन कानुम पोंगल मनाया जाता है. पोंगल शब्द का अर्थ उबालना होता है और यह उस पारंपरिक मिठाई का नाम भी है, जो चावल, मूंग दाल, दूध और गुड़ से बनाई जाती है.

फसल कटाई से जुड़ा है त्‍याेहार

यह पर्व फसल कटाई से जुड़ा है और गन्ना, धान और हल्दी जैसी फसलों के लिए कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है. किसान इस मौके पर प्रकृति, सूर्य देव और पशुधन का आभार व्यक्त करते हैं. साथ ही समाज किसानों के परिश्रम को सम्मान देता है.

सीएम ने किया बड़ा ऐलान

पोंगल से पहले राज्य सरकार ने भी बड़ी राहत का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तमिलनाडु के सभी चावल राशन कार्डधारक परिवारों के लिए 3,000 रुपये की नकद सहायता देने की घोषणा की है. इस योजना में श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविरों में रहने वाले परिवार भी शामिल किए गए हैं.

सरकार के अनुसार, यह नकद सहायता पोंगल से पहले उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जाएगी. इसके साथ पारंपरिक पोंगल गिफ्ट हैम्पर और कपड़े भी दिए जाएंगे. सरकार का अनुमान है कि करीब 2 करोड़ 22 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा. बढ़ती महंगाई के बीच यह सहायता पोंगल की खुशियों को और खास बनाने वाली मानी जा रही है. (एएनआई)

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