Exclusive: मध्य प्रदेश में सोयाबीन की फसल पर आफत, नकली दवा से बर्बाद हो रहे किसान

Exclusive: मध्य प्रदेश में सोयाबीन की फसल पर आफत, नकली दवा से बर्बाद हो रहे किसान

Soybean Crop Damaged: मध्य प्रदेश के सीहोर और खरगोन जिले में दर्जन भर से अधिक किसानों की अमानक एवं गुणवत्ताहीन खरपतवार नाशक दवा का इस्तेमाल करने की वजह से सोयाबीन की फसल पूरी से बर्बाद हो गई है. वही पीड़ित किसानों ने कलेक्ट्रेट और कृषि विभाग में गुहार लगाई है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट-

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Exclusive: मध्य प्रदेश में सोयाबीन की फसल पर आफत, नकली दवा से बर्बाद हो रहे किसानमध्य प्रदेश के सीहोर और खरगोन जिले में दर्जन भर से अधिक किसानों की सोयाबीन की फसल बर्बाद, सांकेतिक तस्वीर

मध्य प्रदेश के सीहोर और खरगोन जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां के किसानों ने सोयाबीन की फसल को खरपतवार से बचाने के लिए जिस खरपतवार नाशक दवा का प्रयोग किया, अब वही दवा फसल को बर्बाद कर रही है. दरअसल, सीहोर जिले के किसानों द्वारा खरपतवार नाशक दवा मांगने पर दुकानदार ने अमानक एवं गुणवत्ताहीन खरपतवार नाशक दवा दे दिया जिसका खेत में इस्तेमाल करने पर सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई. शिकायत मिलने पर कृषि विभाग ने एक्शन लेते हुए दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया है. वहीं, कार्रवाई के लिए प्रशासन पहुंची, तो दुकानदार दुकान बंद कर फरार हो गाया. दुकान को सीज को करने के निर्देश दिए गए हैं. वही पीड़ित किसानों ने कलेक्ट्रेट और कृषि विभाग में गुहार लगाई है.

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, किसानों को अमानक एवं गुणवत्ता हीन खरपतवार दवा बेचने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. दवा को खेत में डालने के बाद किसानों की सोयाबीन की फसल पूरी तरह से जलकर बर्बाद हो गई है. मामला मध्य प्रदेश में सीहोर जिले से ग्राम बाजार गांव सहित आसपास के ग्रामों से सामने आया है. किसानों का कहना है कि कृषि सेवा केंद्र बाजार गांव सहित बरखेड़ा से किसानों ने खरपतवार नाशक के लिए दवा खरीदी थी, उसे डालने के बाद किसानों की सारी की सारी सोयाबीन की फसल फसल बर्बाद हो गई.

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दुकानदार का लाइसेंस हुआ निरस्त

वहीं, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि उपसंचालक के.के. पांडे ने कहा है कि किसानों के द्वारा सूचना मिली थी जिस पर अमले को निरीक्षण के लिए भेजा गया था, दुकानदार दुकान बंद कर फरार हो गया, दुकान को सीज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है.

खरगोन जिले में भी हुई किसानों की फसल बर्बाद

मालूम हो कि खरगोन जिले में ऐसा एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन भर किसानों के साथ हुआ है. दरअसल, इस अमानक एवं गुणवत्ता हीन दवा की चपेट में आने से खरगोन जिले के करीब एक दर्जन किसानों की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई है. खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र के बिस्टान, बंहेर, आवली, मुलठान, देवला के करीब दर्जनभर किसानों ने सोयाबीन फसल में खरपतवार मारने के लिए दवा ली थी. दवा के छिड़काव के पांच दिन बाद किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई. इस घटना के बाद खरगोन के कृषि उप संचालक एमएल चौहान ने डीलर का लाइसेंस कर दिया है. साथ ही दवा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं.

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वहीं खरगोन जिले के किसान बद्री जाधव की चार एकड़, प्रवीण राठौड़ की छह एकड़, रामु उर्फ़ फुग्गा राठौड़ की सात एकड़, हेमंत गुप्ता की 10 एकड़, रणछोड़ भिकया की दो एकड़, राजू चौहान की दो एकड़, दिलीप खड़कयाघाट की साढ़े तीन एकड़, हीरालाल एडिया की दो एकड़, राधाकिशन गुप्ता की 12 एकड़ में सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है. लगभग सभी किसानों के साथ यही स्थिति देखी जा रही है. किसानों के अनुसार, उन्होंने खरपतवार नाशक दवा ‘साकेत’ का छिड़काव किया था. वहीं, कंपनी के निमाड़ रीजनल मार्केटिंग मैनेजर राकेश पाटीदार का कहना कि मामले की जांच की जा रही है.

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