इथेनॉल में इस्तेमाल के चलते मक्के की अधिक मांग ने किसानों को इसकी बुवाई के लिए प्रेरित किया है.रबी सीजन की फसलों की बंपर बुवाई की गई है. 20 जनवरी को जारी किए गए ताजा बुवाई आंकड़ों में रिकॉर्ड 640 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई की गई है. इस बार कुल बुवाई क्षेत्र सामान्य से 5 लाख हेक्टेयर और बीते साल से करीब 3 लाख हेक्टेयर अधिक दर्ज किया गया है. किसानों ने इस बार गेहूं और मोटे अनाज की फसलों की खूब बुवाई की है. जबकि, दलहन फसलों का रकबा सामान्य क्षेत्र से अधिक है, लेकिन बीते साल की तुलना में थोड़ा कम है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार रबी फसलों का उत्पादन भी रिकॉर्ड तोड़ेगा.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी सीजन की फसलों के बुवाई क्षेत्रफल के आंकड़े जारी कर दिए हैं. 20 जनवरी 2025 तक सभी रबी फसलों की बुवाई 640 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में की गई है. जो सामान्य क्षेत्र और बीते साल के बुवाई क्षेत्रफल की तुलना में काफी अधिक है. जबकि, गेहूं के रकबे में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष लगभग 320 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 315.63 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 5 लाख हेक्टेयर अधिक है. जबकि, सामान्य बुवाई से गेहूं का रकबा करीब 8 लाख हेक्टेयर अधिक है.
दलहन की खेती सामान्य क्षेत्रफल से ज्यादा की गई है. इस वर्ष लगभग 141.69 लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 139.29 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2 लाख हेक्टेयर से अधिक है. वहीं, श्रीअन्न और मोटे अनाज फसलों का कुल रकबा इस बार 54.49 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो सामान्य क्षेत्र से तो अधिक है, लेकिन बीते साल के क्षेत्रफल की तुलना में करीब 14 हजार हेक्टेयर कम है.
इथेनॉल में इस्तेमाल के चलते मक्के की अधिक मांग ने किसानों को इसकी बुवाई के लिए प्रेरित किया है. रबी सीजन में 20 जनवरी तक मक्के का कुल रकबा 22.90 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो सामान्य से करीब 80 हजार हेक्टेयर और बीते साल की तुलना में 1 लाख हेक्टेयर से अधिक है. इस बीच रबी सीजन में धान के रकबे में सामान्य क्षेत्र की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बीते साल की तुलना में इस बार रकबा 6 हजार हेक्टेयर बढ़कर 26.20 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है.
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