दो मिलों से करीब 6 हजार क्विंटल धान गायब हो गया है. एक ओर हरियाणा में धान में टारगेट से करीब 6 लाख टन कम खरीद हुई है, दूसरी ओर अब मिलों से 6 हजार क्विंटल धान गायब हो गया है. करनाल जिले की दो धान मिलों से करीब 6 हजार क्विंटल धान गायब होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. अनाज मंडियों में धान के गेट पास को हटाने के मामला उजागर होने के बाद जांच में यह मामला पकड़ में आया है. शुरुआती जांच में मिलों के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है. एडीशनल कमिश्नर ने मामले में कार्रवाई के लिए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक निर्देश दिए हैं.
शुरुआती जांच में एक चावल मिल से करीब 4,000 क्विंटल धान गायब पाए जाने के कुछ दिनों बाद अब जिला प्रशासन ने दो और मिलों में करीब 1,900 क्विंटल धान कम पाया है. यह कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) 2024-25 सीजन में धान खरीद और आवंटन प्रक्रिया में कथित तौर पर गड़बड़ियों को दर्शाता है.
असिस्टेंट कमिश्नर अंडर ट्रेनिंग (एसीयूटी) योगेश सैनी के नेतृत्व में एक टीम ने घरौंडा में शिव ओम राइस मिल में करीब 1,200 क्विंटल और इंद्री में शिव राम राइस मिल में करीब 700 क्विंटल धान कम पाया है. हालांकि, टीम के सदस्यों ने दो मिलों में करीब 780 क्विंटल धान कम पाया, लेकिन मिलिंग नीति के अनुसार 1 प्रतिशत ड्रिज के प्रावधान की अनुमति देने के बाद दोनों मिलों में धान कम पाया गया. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त उपायुक्त यश जालुका के निर्देश पर जिले में टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं.
गेट पास जारी करने और धान के आवंटन में अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद एडीसी जालुका ने एसीयूटी योगेश सैनी के नेतृत्व में एक टीम गठित की, जो फिजिकल वेरीफिकेशन करने और गेट पास को हटाने की जांच कर रही है. फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान टीम के सदस्यों ने कुंजपुरा क्षेत्र में एक चावल मिल में लगभग 4,000 क्विंटल धान कम पाया. वेरीफिकेशन रिपोर्ट को एसीयूटी सैनी ने एडीसी को सौंप दिया है, जिन्होंने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) को मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
रिपोर्ट में योगेश सैनी ने कहा कि मैंने अपनी रिपोर्ट एडीसी करनाल को सौंप दी है, जो इस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे. एडीसी यश जालुका ने कहा कि डीएफएससी को नोटिस जारी करने और नीति के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. करनाल के डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो लोग इसमें शामिल थे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
कुछ सप्ताह पहले 9 अनाज मंडियों में लगभग 98,000 क्विंटल धान के गेट पास को हटाने का मामल खुला था. इसके अलावा चंद सेकंड के भीतर कई गेट पास जारी करने की गड़बड़ी भी सामने आई थी. मात्र 23 सेकंड में दो गेट पास जारी कर दिए गए, जो अधिकारियों के अनुसार संभव नहीं है. विशेषज्ञों ने भारी मात्रा में धान के गायब होने की बात भी उजागर की है, जो बाजार समितियों के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है.
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