ज्यादा बारिश से फसल बर्बाद. (सांकेतिक फोटो)Odisha News: ओडिशा में दिसंबर महीने में हुई बेमौसम बारिश के कारण कई तटीय जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था. किसान राहत के रूप में मुआवजे की मांग कर रहे थे, जिसके बाद 3 जनवरी को सीएम ने किसानों को मुआवजा देने की बात कही थी. आज ओडिशा सरकार ने जानकारी दी है कि किसानों के खाते में मुआवजे की राशि पहुंचने लगी है और पांच दिनों के अंदर सभी पीड़ित किसानों के खाते में पहुंचा दी जाएगी.
राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि प्रभावित किसानों को वित्तीय सहायता देने के प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला कलेक्टरों को पहले ही लगभग 292 करोड़ रुपये वितरित कर दिए गए हैं. कुछ स्थानों पर लोगों को ओडिशा राहत संहिता के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा राशि मिल चुकी है.
मंत्री ने कहा कि 22 दिसंबर से 28 दिसंबर के बीच बेमौसम बारिश के कारण जिन किसानों की 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल बर्बाद हुई है, उन्हें सिंचित भूमि के लिए 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और असिंचित भूमि के लिए 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि मिलेगी.
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मंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टरों द्वारा क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन किया गया था, जिसके आधार पर सहायता दी जा रही है. बेमौसम बारिश के कारण 14 जिलों के किसानों को नुकसान हुआ है. दो और जिलों से कृषि भूमि और फसलों को आंशिक नुकसान की खबरें मिली हैं. बेमौसम बारिश से 6.66 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं, जिससे 2.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है.
बता दें कि बेमौसम बारिश को पहले ओडिशा में प्राकृतिक आपदा की सूची में नहीं रखा गया था. हालांकि, फसल को हुए नुकसान को देखते हुए इस बार सरकार ने बदलाव कर राज्य में बेमौसम बारिश को प्राकृतिक आपदा घोषित किया है. ऐसा होने से अब किसानों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है.
3 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा था कि कि जिला कलेक्टरों के अनुसार, 20 से 28 दिसंबर के बीच हुई बारिश के कारण अब तक 6,66,720 किसानों ने 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान की जानकारी दी है. इन सभी जिलों में प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.
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