फसल नुकसान का जल्द मिलेगा मुआजवा (सांकेतिक तस्वीर)केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता अक्टूबर के अंत तक उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने यह जानकारी वायनाड के कलपेट्टा में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस समारोह के बाद दी. मंत्री टी. सिद्दीकी ने बताया कि फसल बीमा से जुड़े बकाये के भुगतान के लिए 6 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं. इस राशि के वितरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027-28 से कृषि विभाग प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए नई योजना शुरू करेगा. इसके तहत किसानों को नए पौधरोपण सामग्री, आर्थिक सहायता और उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जंगली जानवरों के हमलों से किसानों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की राशि 100 प्रतिशत बढ़ाने पर फैसला ले रही है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को फिर से मजबूत करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी.
टी. सिद्दीकी ने कहा कि सरकार वायनाड में कृषि गतिविधियों को गति देने के साथ एग्रो-टूरिज्म को भी बढ़ावा देने पर काम कर रही है. उनका कहना था कि जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे.
कॉफी की खेती का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि वायनाड की अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर है. उन्होंने जलवायु परिवर्तन को कॉफी क्षेत्र के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों में शामिल बताया.
टी. सिद्दीकी ने कहा कि मौसम से जुड़ी घटनाओं के तहत होने वाले बादल फटने, अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन से किसान संकट में हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और कृषि विभाग ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए विशेष मिशन के तहत हस्तक्षेप करेंगे.
मंत्री ने कहा कि वायनाड रोबस्टा कॉफी को भौगोलिक संकेतक यानी GI टैग मिल चुका है, लेकिन अब इसके उत्पादों में वैल्यू एडिशन सुनिश्चित करने की जरूरत है. उन्होंने कॉफी उत्पादन से निकलने वाले जैविक कचरे को भी उपयोगी उत्पादों में बदलने की दिशा में काम करने की बात कही.
उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं को जोड़कर कॉफी क्षेत्र के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा चल रही है. वायनाड रोबस्टा कॉफी के GI दर्जे के आधार पर अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग प्रोजेक्ट 'Farm to Cup' भी लागू किया जाएगा.
टी. सिद्दीकी ने कहा कि राज्य सरकार एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रही है. इसमें कंपनियों के बीच सीधे B2B बैठकें, कारोबारी चर्चा और समझौता ज्ञापनों यानी MoU पर हस्ताक्षर की सुविधा दी जाएगी. सरकार ने नेस्ले, लुलु और वॉलमार्ट जैसी वैश्विक स्तर की निर्यात केंद्रित कंपनियों को केरल में कारोबार के लिए आकर्षित करने की योजना बनाई है, जिसमें कॉफी को विशेष स्थान दिया जाएगा. (पीटीआई)
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