गन्ने का दाम बढ़ाने के लिए किसानों का विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो-ITG)केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कर्नाटक के गन्ना किसानों से अपील की कि वे 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) बढ़ाने की अपनी मांग पर बातचीत के लिए दिल्ली आएं. उन्होंने कहा कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने की कोई जरूरत नहीं है और भरोसा दिलाया कि केंद्र उनकी शिकायतें सुनने के लिए तैयार है.
यह अपील ऐसे समय में की गई है जब कर्नाटक राज्य रैथा सेना ने हुबली में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है. इस प्रदर्शन में किसान जोशी के घर और दफ्तर तक मार्च करेंगे और गन्ने के लिए लाभकारी मूल्य और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग करेंगे.
जोशी ने एक वीडियो संदेश में कहा, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप किसी भी समय दिल्ली आकर हमसे बातचीत करें. मैं एक बार फिर आपसे अपील करता हूं कि किसी को भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है. अगर आप आएंगे, तो हम इस मामले पर आपसे चर्चा करेंगे. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया आएं."
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा कि किसान नेता इस साल फरवरी में उनसे मिले थे और FRP बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद केंद्र ने मई में इसे 365 रुपये बढ़ा दिया था.
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, फरवरी 2026 में, कुछ किसान नेता मुझसे अचानक तब मिले जब मैं एक कार्यक्रम के लिए जा रहा था और उन्होंने गन्ने के लिए 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) बढ़ाने का अनुरोध सौंपा."
जोशी ने कहा कि उन्होंने उस समय प्रतिनिधिमंडल से कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार हर साल FRP बढ़ाती रही है और आगे भी ऐसा करती रहेगी.
उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को अब ऐसा लग रहा है कि उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया गया क्योंकि मई में बढ़ोतरी के बाद उनसे आगे कोई चर्चा नहीं हुई.
उन्होंने कहा, "मैं सभी से विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि जैसा हम हर साल करते हैं, वैसा ही हमने इस साल भी किया है. हमें प्रदर्शनकारियों और अन्य जगहों से मांगें मिली थीं, और हमने उन पर कार्रवाई की."
जोशी ने यह भी बताया कि केंद्र अकेले FRP तय नहीं करता है और इस प्रक्रिया में कीमत तय करने वाली समिति और राज्य सरकार से मिले सुझावों पर भी विचार किया जाता है. उन्होंने कहा, "राज्य स्तर पर एक गन्ना आयुक्त (Cane Commissioner) होते हैं. हम राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी लेते हैं और FRP तय करते समय उनकी सिफारिशों पर विचार करते हैं. यह पूरे देश में लागू होता है."
मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ और बातचीत करने के लिए तैयार है और दिल्ली में किसान नेताओं और अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत की सुविधा देने का प्रस्ताव भी दिया.
उन्होंने कहा, "अगर कोई किसान नेता दिल्ली आते हैं, तो उनका स्वागत है. हम उनका पूरे सम्मान के साथ स्वागत करेंगे, उन्हें अधिकारियों से मिलवाएंगे और उनकी सभी चिंताओं को सुनेंगे. अगर और कुछ किया जा सकता है, तो मोदी सरकार इसके लिए हमेशा तैयार है."
जोशी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेगी, क्योंकि सरकारें किसानों के समर्थन और सहयोग पर निर्भर करती हैं.
उन्होंने कहा, "हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि हम इस पद पर किसान भाइयों और आप जैसे किसानों के सहयोग और समर्थन की वजह से ही हैं."
मंत्री ने आगे संकेत दिया कि सरकार मौजूदा चक्र के दौरान गन्ने के उचित मूल्य की मांग पर विचार करेगी.
मई में घोषित 365 रुपये की बढ़ोतरी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार के तहत, हमने हर साल FRP बढ़ाया है और इस साल भी ऐसा ही करेंगे."
यह अपील कर्नाटक राज्य रैथा सेना द्वारा बुधवार को हुबली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बीच आई है.
विरोध मार्च चेन्नम्मा सर्कल से शुरू होकर जोशी के आवास और चिटागुप्पी अस्पताल परिसर में स्थित उनके कार्यालय की ओर जाएगा. किसानों ने गन्ने के लिए लाभकारी समर्थन मूल्य और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने जैसी मांगें रखी हैं.
विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और जोशी के आवास और कार्यालय के पास बैरिकेड्स लगाए गए हैं. कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के किसानों और संगठनों के नेताओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
जोशी ने गन्ना किसानों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के बजाय सीधे केंद्र सरकार से बातचीत करने का अपना निमंत्रण दोहराया.(PTI)
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