वेयरहाउस में हो रही गेहूं की तुलाईभोपाल के बाद अब रायसेन जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस वर्ष सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख 9 अप्रैल तय की गई है. इसी तारीख से किसानों की उपज की तुलाई, स्लॉट बुकिंग के आधार पर खरीदी केंद्रों पर की जानी है. लेकिन दूसरी ओर रायसेन जिले के उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टोंगा स्थित एक वेयरहाउस में पहले से ही बड़े पैमाने पर गेहूं की तुलाई शुरू कर दी गई है. जानकारी के अनुसार, वेयर हाउस के अंदर और बाहर लगभग 10 हजार क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है. वहीं, कलेक्टर ने 5 सदस्यी टीम से जांच कराकर प्रतिवेदन मांगा.
ग्राम टोंगा के इस वेयरहाउस में धड़ल्ले से हो रही तुलाई को लेकर जब वेयरहाउस प्रबंधक अनिल तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि फिलहाल यह वेयरहाउस खरीदी केंद्र के लिए एलॉट नहीं हुआ है और न ही यह हमारी सूची में दर्ज है. ऐसे में यदि कोई संचालक यहां किसानों का गेहूं रखवा रहा है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी किसान और वेयरहाउस संचालक की होगी. कलेक्टर ने जांच के लिए टीम को भेजा, जिसके बाद टीम ने जांच कर प्रतिवेदन भेजा.
भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां समर्थन मूल्य खरीदी शुरू होने से पहले ही वेयरहाउस में भारी मात्रा में गेहूं स्टोर किया गया था. अब टोंगा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ लोगों द्वारा किसानों को लालच देकर समर्थन मूल्य खरीदी से पहले ही गेहूं तौलकर पर्चियां दी जा रही हैं. बताया जा रहा है कि धर्म कांटे पर तुलाई कर किसानों को भरोसा दिलाया जा रहा है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह अनौपचारिक है.
वर्तमान में किसान अपनी उपज वेयरहाउस तक ला रहे हैं, जहां खुले में गेहूं डलवाया जा रहा है और वजन की पर्चियां दी जा रही हैं. वहीं, मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. ऐसे में यदि बारिश या ओलावृष्टि के कारण गेहूं खराब होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है. (राजेश कुमार रजक की रिपोर्ट)
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