आम की कीमतों में आई गिरावट. (सांकेतिक फोटो)जयपुर में आम के शौकीनों के लिए खुशखबरी है, क्योंकि गुजरात और उत्तर प्रदेश से आम की कई किस्में जयपुर के फलों के थोक बाजार मुहाना मंडी में पहुंच गई हैं. आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे जयपुरवासियों के लिए अपने पसंदीदा फल का लुत्फ उठाने का अच्छा मौका मिला है. मुहाना मंडी में चहल-पहल है, क्योंकि फजली को छोड़कर लगभग हर किस्म के आम आ चुके हैं. थोक व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट आएगी.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुहाना मंडी के थोक व्यापारी महेश हरदासानी ने कहा कि सफेदा किस्म, जो पहले मई में 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध थी, अब कर्नाटक और बिहार से भरपूर आपूर्ति के कारण 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. जयपुरवासियों के बीच सबसे पसंदीदा आम की किस्म दशहरी भी मलीहाबाद, रामपुर, कानपुर और लखनऊ के खेतों से आ गई है. आकार के आधार पर खुदरा में 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध, कीमतें पिछले साल की तुलना में लगभग 25 फीसदी कम हैं.
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हसनपुरा फल मंडी के थोक विक्रेता अब्दुल सगीर को उम्मीद है कि आपूर्ति बढ़ने के कारण कीमतों में और गिरावट आएगी. गुजरात से केसर जैसी अन्य लोकप्रिय किस्में 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध हैं, जबकि महाराष्ट्र से अल्फांसो, जिसे हापुस के नाम से भी जाना जाता है, 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध है. मुहाना मंडी के थोक विक्रेता राम किशोर कुमावत ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कीमतों में थोड़ी वृद्धि के विपरीत इस वर्ष देश भर में आम की बंपर फसल होने के कारण कीमतें कम हुई हैं.
ऐसे में थोक व्यापारियों को उम्मीद है कि लंगड़ा और फजली सहित अन्य किस्में 15 जून तक जयपुर के बाजार में आ जाएंगी. मंडी के एक अन्य थोक विक्रेता सादिक अली के अनुसार, खुदरा ग्राहक 10 से 15 किलोग्राम के आम खरीदने के लिए मुहाना मंडी में आ रहे हैं, विशेष रूप से दशहरी किस्म, जो थोक में 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध है. आपूर्ति में वृद्धि और कीमतों में कमी ने जयपुर के आम प्रेमियों और व्यापारियों दोनों के लिए जीत की स्थिति पैदा कर दी है.
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