Garlic Price Hike: लहसुन के दाम में भारी उछाल, 150 रुपये क‍िलो तक पहुंचा रेट, जान‍िए क्या है वजह? 

Garlic Price Hike: लहसुन के दाम में भारी उछाल, 150 रुपये क‍िलो तक पहुंचा रेट, जान‍िए क्या है वजह? 

प‍िछले साल स‍िर्फ 5 से 8 रुपये प्रत‍ि क‍िलो के भाव म‍िल रहा था लहसुन फ‍िर अचानक ऐसा क्या हुआ क‍ि इसका दाम 150 रुपये प्रत‍ि क‍िलो तक पहुंच गया. मंड‍ियों में क्यों कम हो गई आवक. क्या आने वाले द‍िनों में लहसुन का और बढ़ेगा भाव. जान‍िए इसके बारे में सबकुछ.

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Garlic Price Hike: लहसुन के दाम में भारी उछाल, 150 रुपये क‍िलो तक पहुंचा रेट, जान‍िए क्या है वजह? इतना क्यों बढ़ गया लहसुन का दाम (File Photo)

अदरक की तरह इस साल लहसुन का दाम भी तेजी से बढ़ रहा है. प‍िछले साल मध्य प्रदेश में क‍िसान स‍िर्फ 5 से 8 रुपये क‍िलो के ह‍िसाब से लहसुन बेचने को मजबूर थे तो इस साल हालात ब‍िल्कुल अलग हैं. उसी लहसुन का थोक भाव अब क‍िसानों को 150 रुपये प्रत‍ि क‍िलो तक म‍िल रहा है. मंड‍ियों में आवक बहुत कम रह गई है ज‍िसकी वजह से इसका दाम आसमान पर पहुंच गया है. इससे क‍िसान खुश हैं लेक‍िन उपभोक्ता परेशान हैं. प‍िछले साल लहसुन का दाम इतना कम था क‍ि इसकी खेती करने वाले क‍िसानों की खेती का खर्च और उसे मंडी तक पहुंचाने का भाड़ा तक नहीं न‍िकल पा रहा था. ऐसे में क‍िसानों ने इसकी बुवाई कम कर दी और नतीजा महंगाई के रूप में आपके सामने है.  

पहले मंडी भाव की बात करें तो नवी मुंबई की वाशी मंडी में इस समय लहसुन की आवक में भारी कमी देखी जा रही है. मंडी के व्यापारी मनोहर तोतलनी ने 'क‍िसान तक' से कहा क‍ि इस समय आवक में कमी की वजह से ही लहसुन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. वाशी मंडी में रोजना पहले लहसुन की 15 से 17 गड़ियां पहुंचती थीं. लेकिन अब सिर्फ 8 से 10 गाड़ी ही पहुंच रही हैं.जिसमें लहसुन की 3000 बोरियां होती होती हैं. मंडी में सबसे ज्यादा लहसुन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आता है. तोतलनी बताते हैं कि इस समय लहसुन की कीमत होलसेल में 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. दाम और बढ़ने का अनुमान है. 

आख‍िर इतना क्यों बढ़ा लहसुन का दाम 

क‍िसान तक से बातचीत में मध्य प्रदेश रतलाम जिले के लहसुन व्यापरी पूनम ने बताया क‍ि इस समय 8000 से लेकर 15000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल का दाम क‍िसानों को म‍िल रहा है. प‍िछले साल 400 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल के रेट पर भी क‍िसानों से कोई लहसुन नहीं खरीदने वाला था. इसल‍िए क‍िसानों ने खेती कम कर दी. कम से कम 50 फीसदी क‍िसानों ने लहसुन की खेती छोड़ दी. क्योंक‍ि प‍िछले वर्ष बहुत कम दाम होने की वजह से उनका बहुत नुकसान हुआ था. ड‍िमांड के ह‍िसाब से बाजार में लहसुन नहीं है. इसल‍िए इसकी कीमतों में और बढ़ोतरी होगी. कम बुवाई की वजह से इस साल इसकी महंगाई बढ़ गई. एक्सपोर्ट के ल‍िए भी इसकी काफी ड‍िमांड है. 

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अभी कीमत और बढ़ने का इंतजार 

ज्यादातर क‍िसान अब भी लहसुन का पूरा स्टॉक नहीं  बेच रहे हैं. उन्होंने कुछ स्टॉक रोका हुआ है. उन्हें कीमतों में और बढ़ोतरी का इंतज़ार है. व्यापरी पूनम बताते हैं कि 8000 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल की गुणवत्ता वाला लहसुन जल्द ही 15000 रुपये तक पहुंच सकता है. इसी तरह 15000 रुपये वाला 30000 रुपये तक जा सकता है. मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा लहसुन होता है. वहां से दक्ष‍िण भारत, दिल्ली, महाराष्ट्र सह‍ित कई प्रदेशों में इसकी आपूर्त‍ि की जाती है. 

क्या कह रहे हैं क‍िसान 

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के किसान अरविंद ढाका ने बताया क‍ि अभी दाम और बढ़ेगा क्योंक‍ि मार्केट में लहसुन बहुत कम है. प‍िछले साल इसकी खेती बहुत कम हो गई है. जिन किसानों के पास लहसुन स्टॉक करने की सुविधा है वो कीमतों में वृद्ध‍ि का इंतजार कर रहे हैं ताक‍ि प‍िछले साल के घाटे की भरपाई हो सके. इस साल ऐसा ही दाम रहा तो प‍िछले साल की र‍िकवरी हो जाएगी. फ‍िलहाल, देखना यह है क‍ि टमाटर, अदरक, हरी म‍िर्च और धन‍िया की महंगाई के साथ ही लहसुन क‍ितने ऊंचे दाम तक ब‍िकता है.

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