आम की बागवानी: आम के बौर को झड़ने से कैसे बचाएं? आसान उपाय से बढ़ेगी पैदावार

आम की बागवानी: आम के बौर को झड़ने से कैसे बचाएं? आसान उपाय से बढ़ेगी पैदावार

आम के पेड़ों में बौर आने के बाद छोटे-छोटे फलों का झड़ना किसानों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है. इस समय सही पोषण और देखभाल बहुत जरूरी होती है. पोटेशियम नाइट्रेट और जिप्सम का उपयोग करने से फल झड़ने की समस्या कम होती है, पेड़ों की बढ़वार बेहतर होती है और आम की पैदावार भी अच्छी मिलती है.

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आम की बागवानी: आम के बौर को झड़ने से कैसे बचाएं? आसान उपाय से बढ़ेगी पैदावारआम के बागवानों के लिए जरूरी खबर

आम को फलों का राजा कहा जाता है. भारत में बहुत से किसान आम की बागवानी करते हैं. आम की खेती किसानों के लिए हमेशा से मुनाफे का अच्छा साधन रही है. लेकिन कई बार आम के पेड़ों में बौर आने के बाद जब छोटे-छोटे आम बनने लगते हैं, तब एक बड़ी समस्या सामने आती है. इस समय छोटे आम के दाने झड़ने लगते हैं. इससे पेड़ पर फल कम बचते हैं और किसानों को नुकसान हो सकता है. अगर किसान इस समय पेड़ों की सही देखभाल करें और जरूरी पोषक तत्वों का उपयोग करें, तो इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है.

बौर आने के बाद क्यों झड़ते हैं छोटे आम

आम के पेड़ों में फरवरी और मार्च के महीने में बौर आते हैं. बौर के बाद पेड़ पर बहुत छोटे-छोटे आम बनने लगते हैं, जो मटर के दाने जैसे दिखाई देते हैं. इसी समय कई बार पेड़ों में रोग लग जाते हैं और छोटे फल झड़ने लगते हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो पेड़ पर बहुत कम फल बचते हैं. इससे आम की पैदावार कम हो जाती है और बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है.

सही पोषण से मिल सकता है अच्छा उत्पादन

अगर किसान इस समय पेड़ों को सही पोषण दें, तो आम के फल अच्छी तरह बढ़ते हैं. बाजार में ऐसी कई खाद और पोषक तत्व मिल जाते हैं जो आम के पेड़ों की बढ़वार में मदद करते हैं. इनसे पेड़ मजबूत बनते हैं और फल जल्दी झड़ते नहीं हैं. सही समय पर खाद और पोषक तत्व देने से आम का आकार भी बड़ा होता है और पैदावार अच्छी मिलती है.

पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग क्यों जरूरी है

पोटेशियम नाइट्रेट आम के पेड़ों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें नाइट्रोजन और पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है. यह पेड़ों की बढ़वार को बेहतर बनाता है. जब छोटे-छोटे आम बनने लगते हैं, तब इसका छिड़काव करने से फल झड़ने की समस्या कम हो जाती है. साथ ही आम का आकार भी बड़ा होता है और फल स्वस्थ तरीके से विकसित होते हैं.

जिप्सम से मिलती है रोगों से सुरक्षा

जिप्सम भी आम के पेड़ों के लिए उपयोगी होता है. इसका उपयोग करने से पेड़ों में लगने वाले कई रोगों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. जब पेड़ रोगों से सुरक्षित रहते हैं तो फल भी अच्छी तरह बढ़ते हैं. जिप्सम मिट्टी की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है. इससे मिट्टी में पोषण बढ़ता है और पेड़ों को पर्याप्त भोजन मिलता है.

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद

जिप्सम का एक और फायदा यह है कि यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है. जब मिट्टी उपजाऊ होती है, तो पेड़ मजबूत बनते हैं. मजबूत पेड़ों पर फल ज्यादा लगते हैं और उनका विकास भी अच्छा होता है. इससे किसानों को अच्छी पैदावार मिलती है और उनकी आय भी बढ़ती है.

किसान ऐसे करें उपयोग

किसान पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग बहुत आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए 2 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 1 लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इस घोल का आम के पेड़ों पर छिड़काव करें. ऐसा करने से पेड़ों को जरूरी पोषण मिलता है, फल झड़ने की समस्या कम होती है और आम का आकार भी अच्छा हो जाता है.

इस तरह अगर किसान सही समय पर आम के पेड़ों की देखभाल करें और जरूरी पोषक तत्वों का उपयोग करें, तो छोटे आम के झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है. इससे आम की पैदावार भी बढ़ती है और किसानों को अच्छा लाभ मिलता है.

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