
रबी फसलों की MSP पर होगी खरीदराजस्थान के सरसों और चने की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, राज्य सरकार ने रबी सीजन की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीद की तैयारी शुरू कर दी है. फसलों की खरीद के लिए इसी महीने से किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिसके बाद सरकार सरसों और चने की खरीद शुरू करेगी. इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलने की उम्मीद है और बाजार में होने वाले नुकसान से भी राहत मिल सकेगी.
राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि अन्नदाताओं से राज्य सरकार इसी महीने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करेगी. राजफेड द्वारा सरसों और चना की समर्थन मूल्य पर खरीद जल्द होगी. उन्होंने कहा कि राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर और श्रीगंगानगर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से और खरीद 25 मार्च से शुरू होगी. जबकि, बाकी चार क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च और खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी.
केंद्र सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल और चने का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है. वहीं, राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन और चने की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है.

विभाग के अनुसार, हर जिले की खरीद सीमा ऑनलाइन जारी कर दी गई है. अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के तहत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ के जरिए फसल की खरीद की जाएगी. वहीं, जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड के माध्यम से खरीद का काम किया जाएगा.
सरसों और चना बेचने के इच्छुक किसान QR कोड स्कैन करके या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल की खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान के जरिए ही की जाएगी. केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ द्वारा यह खरीद करीब 60 दिनों की अवधि में पूरी की जाएगी.
इस संबंध में राजफेड को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर कर ली जाएं. किसान पहले की तरह एफएक्यू क्वालिटी मानकों के अनुसार अपनी फसल को खरीद केंद्र या ग्राम सेवा सहकारी समिति पर बेच सकेंगे. वहीं, किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए राजफेड ने 18001806001 नंबर पर कॉल सेंटर भी शुरू किया है.
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