केंद्र की ये योजनाएं किसानों के लिए है लाभकारी. (सांकेतिक फोटो)केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनान के लिए कई सारी योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं से करोड़ों किसानों का काफी फायदा हुआ है. इनकम बढ़ने से किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है. लेकिन इसके बावजूद भी कई ऐसे किसान हैं, जो केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित हैं. उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी तक नहीं है. ऐसे में आज हम केंद्र की तीन ऐसी योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे, जिसकी मदद से किसान बंपर कमाई कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) एक केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम है. इस योजना की शुरुआत किसानों को आर्थिक रूप से मजूबत बनाने के लिए की गई है. ऐसे केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में इस योजना को लागू किया था. इस योजना के तहत सरकार किसानों को साल में 6000 रुपये देती है. खास बात ये है कि ये रुपये 2000- 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में कर के दी जाती है. सरकार किसानों के खाते में सीधे पीएम किसान की राशि ट्रांसफर करती है.
केंद्र सरकार पीएम किसान के तहत अभी तक 15 किस्त जारी कर चुकी है. अब किसान 16वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. अब तक करोड़ों किसानों ने पीएम किसान का लाभ उठाया है. उनके खाते में 2.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है. इस योजना के तहत ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण’ (डीबीटी) माध्यम से हस्तांतरित किए जाते हैं.
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पीएम किसान मानधन योजना भी केंद्र सरकार की एक बेहतरीन योजना है. इस योजना का लाभ सिर्फ 18 से 40 साल की उम्र वाले किसान ही उठा सकते हैं. खास बात यह है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास दो हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए. अगर अपकी अभी उम्र 18 साल है और आप इस योजना से जुड़ते हैं, तो आपको हर महीने 55 रुपये जमा करने होंगे. वहीं, 30 साल की उम्र में यह राशि बढ़कर 110 रुपये और 40 साल की उम्र में 200 रुपये हो जाती है. जैसे ही निवेशक किसान की उम्र 60 साल होती है, तो उन्हें पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी. 3 हजार रुपये हर महीने पेंशन के रूप में मिलेंगे.
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों की मदद करने के लिए की है. सरकार का मानना है कि ट्यूबवेल से सिंचाई करने पर फसलों की बहुत अधिक बर्बादी होती है. अगर किसान ड्रिप इरिगेशन तकनीक फसलों की सिंचाई करते हैं, तो पानी का दोहन कम होगा. साथ ही उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी. इस योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीकों पर किसानों को बंपर सब्सिडी दी जाती है.
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