कपास उत्पादन में गिरावट अनुमानों ने मुश्किलें बढ़ाईं, पंजाब और गुजरात में कमजोर फसल से उम्मीदों को झटका

कपास उत्पादन में गिरावट अनुमानों ने मुश्किलें बढ़ाईं, पंजाब और गुजरात में कमजोर फसल से उम्मीदों को झटका

भारतीय कपास संघ के अध्यक्ष अतुल गणात्रा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित उत्तर भारत में अनुमानित उत्पादन में 2.5 लाख गांठ की कटौती करके 28 लाख गांठ कर दिया है. संघ ने गुजरात के उत्पादन में 5 लाख गांठ की कटौती करके 75 लाख गांठ कर दिया है.

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कपास उत्पादन में गिरावट अनुमानों ने मुश्किलें बढ़ाईं, पंजाब और गुजरात में कमजोर फसल से उम्मीदों को झटका कताई मिलों के पास इन्वेंट्री के रूप में 27 लाख गांठ होने का अनुमान है.

कपास की बंपर खरीद के बीच उत्पादन अनुमानों में गिरावट ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भारतीय कपास संघ (CAI) ने गुजरात और पंजाब में कपास उत्पादन में कमी के चलते मौजूदा सीजन के लिए फसल अनुमान घटाकर 301.75 लाख गांठ कर दिया है. पहले 304.25 लाख गांठ उत्पादन का अनुमान था. सरकार की ओर से गठित कपास उत्पादन और उपभोग समिति का उत्पादन अनुमान 299 लाख गांठ है. बता दें कि कपास की 1 गांठ का वजह 170 किलोग्राम होता है. 

राज्यवार कपास उत्पादन आंकड़े

भारतीय कपास संघ के अध्यक्ष अतुल गणात्रा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित उत्तर भारत में अनुमानित उत्पादन में 2.5 लाख गांठ की कटौती करके 28 लाख गांठ कर दिया है. संघ ने गुजरात के उत्पादन में 5 लाख गांठ की कटौती करके 75 लाख गांठ कर दिया है. इसके साथ ही तेलंगाना की फसल को 5 लाख गांठ बढ़ाकर 47 लाख गांठ कर दिया. कपास संघ के अनुसार तेलंगाना तीसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक राज्य बन जाएगा, जबकि महाराष्ट्र 90 लाख गांठ उत्पादन करके अपना नंबर एक स्थान बनाए रखेगा. जबकि, कुछ साल पहले 100 लाख गांठ उत्पादन करने वाला गुजरात दूसरे स्थान पर रहेगा. 

सीसीआई और मिलर्स के पास स्टॉक 

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार सीएआई ने बयान में कहा कि अक्टूबर 2024-जनवरी 2025 के दौरान जिनिंग मिलों में कपास की डेली एवरेज प्रेसिंग 1.56 लाख गांठ दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि जनवरी में 1.74 लाख गांठ प्रतिदिन की औसत से 54.22 लाख गांठें प्रेस कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि व्यापार, जिनर्स और कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के पास 85.26 लाख गांठ स्टॉक होने का अनुमान है. देशभर में जिनर्स के पास 10 लाख गांठ स्टॉक होने का अनुमान है.

किसानों से कपास की बंपर खरीद 

सीएआई ने कहा कि कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) इस सीजन में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत 95-100 लाख गांठ खरीद सकता है. सीएआई बैलेंस शीट के अनुसार इस सीजन में खपत में 2 लाख गांठ की बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि कताई मिलों को यार्न में उचित लाभ के चलते जनवरी में कपास की खपत 30 लाख गांठ तक पहुंच गई. चालू सीजन के चार महीनों में 114 लाख गांठों की खपत दर्ज की गई. कताई मिलों के पास इन्वेंट्री के रूप में 27 लाख गांठ होने का अनुमान है.

कपास आयात बढ़ने की संभावना 

एसोसिएशन ने पिछले सीजन के 28.36 लाख गांठों के मुकाबले अपने निर्यात अनुमान को घटाकर 17 लाख गांठ कर दिया है. कहा गया कि इस साल 31 जनवरी तक 8 लाख गांठें पहले ही भेजी जा चुकी थीं. इस सीजन में कपास का आयात पिछले सीजन के 15.2 लाख गांठों के मुकाबले बढ़कर 26 लाख गांठ हो जाएगा. उत्पादन में गिरावट के बाद आयात में बढ़ोतरी देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि सीजन के पहले चार महीनों में 16 लाख गांठ कपास का आयात किया गया है. 

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