केंद्र का बड़ा फैसला: पंजाब में 70% तक खराब चमक वाला गेहूं भी MSP पर खरीदा जाएगा, शर्तों में मिली ये छूट

केंद्र का बड़ा फैसला: पंजाब में 70% तक खराब चमक वाला गेहूं भी MSP पर खरीदा जाएगा, शर्तों में मिली ये छूट

केंद्र सरकार ने बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए पंजाब में गेहूं खरीद के नियमों में छूट दी है. अब 70% तक चमक खो चुके गेहूं और 15% तक टूटे-सिकुड़े दानों वाली फसल की भी MSP पर खरीद की जाएगी, जिससे किसानों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.

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केंद्र का बड़ा फैसला: पंजाब में 70% तक खराब चमक वाला गेहूं भी खरीदा जाएगा, शर्तों में मिली ये छूटगेहूं खरीद नियमों में बड़ी छूट

केंद्र सरकार ने पंजाब में गेहूं खरीद के नियमों में छूट दी है. बेमौसम बारिश के बाद गेहूं में हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. नए आदेश के मुताबिक, 70 फीसद तक चमक खो चुके (Luster loss) गेहूं की भी सरकारी खरीद होगी. किसानों से उनकी उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर की जाएगी. 

रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए भारत सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. यह पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी है.

किन शर्तों में मिली छूट

बदले हुए नियमों के तहत, पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं में ‘चमक कम होने’ की तय लिमिट 70% तक बढ़ा दी गई है. इसके अलावा, सिकुड़े और टूटे दानों की लिमिट को मौजूदा 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है.

हालांकि, खराब और थोड़े खराब दानों की कुल लिमिट 6% ही रहेगी. इन नियमों में छूट के तहत किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी. इससे किसानों को बहुत राहत मिल सकती है क्योंकि वे लगातार इसकी मांग उठा रहे थे.

केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही हरियाणा में गेहूं खरीद के मानकों में छूट की घोषणा की. उससे पहले पंजाब में इसी तरह का ऐलान किया गया था. दरअसल, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है.

1 अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू

इन राज्यों में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई है, लेकिन दाने में नमी की मात्रा लिमिट से अधिक होने के कारण उसकी खरीद नहीं हो पा रही है. मंडियों में किसानों की उपज खरीदी नहीं जा रही है. यहां तक कि किसानों को उनकी उपज वापस लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

इन परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकारों ने गेहूं खरीद के नियमों में छूट देने की मांग की थी. राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकारों ने केंद्र को पत्र लिखकर शर्तों में छूट मांगी थी. सरकार ने सरकार की मांग मान ली है और शर्तों में छूट का ऐलान कर दिया है. केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि राज्यों से मिलने वाली मांग पर जरूर गौर किया जाएगा. 

इससे पहले एफसीआई ने पंजाब में गेहूं खरीद के नियमों में छूट देने की सिफारिश की थी. सिफारिश में प्रस्ताव दिया गया था कि बिना किसी मूल्य कटौती के 20% तक सिकुड़े और टूटे हुए दाने, 80% तक चमक में कमी, और 6% तक खराब दाने खरीदें जाएं. हालांकि सरकार ने 70% तक खराब चमक और टूटे दानों की लिमिट को 6 से बढ़ाकर 15% कर दिया है.

FCI की टीम ने किया दौरा

पंजाब सरकार की ओर से शर्तों में छूट की मांग सबसे पहले 9 अप्रैल को की गई थी. तब सरकार ने उस पर विचार करने की बात कहते हुए फैसला रोक लिया था. इसके बाद राजस्थान और हरियाणा से मांग आई जिस पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी. 

इससे पहले एफसीआई की एक टीम ने पंजाब की अलग-अलग मंडियों का दौरा किया था और गेहूं की खरीद का जायजा लिया था. इस टीम में केंद्र और राज्य दोनों के प्रतिनिधि शामिल थे. मंडियों से मिली रिपोर्ट की पड़ताल करने के बाद एफसीआई ने अपनी सिफारिश दी. मंडियों के दौरे में एफसीआई ने पाया कि तय मानक से कहीं अधिक गेहूं में नुकसान है. इसका कारण खराब मौसम और बेमौसम बारिश को बताया गया.

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