पटना में दो दिन लगेगी आमों की प्रदर्शनीमई महीने की समाप्ति के साथ ही जून महीने की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही बाजारों में अब देसी और विदेशी आमों का बाजार तेजी से सजना शुरू हो गया है. वहीं, इस महीने में देश और राज्य स्तर पर कई तरह के आम महोत्सव आयोजित किए जाते हैं. इसी कड़ी में बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन द्वारा दो दिवसीय "द्वितीय ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल 2026" का आयोजन किया जा रहा है. देसी-विदेशी आमों की करीब 100 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. यानी अब आपको अलग-अलग आम की वैरायटी को देखने और उनका स्वाद चखने का मौका एक ही जगह मिलेगा.
बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के अध्यक्ष ए. के. मणि ने बताया कि आगामी 13 और 14 जून को बधाई बैंक्वेट हॉल, अशियाना–दीघा रोड, पटना में "द्वितीय ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल 2026" का भव्य आयोजन किया जा रहा है. इस दो दिवसीय महोत्सव का उद्देश्य बिहार सहित भारत के अलग-अलग राज्यों की उत्कृष्ट, दुर्लभ और प्रीमियम आम किस्मों को एक मंच पर प्रदर्शित करना, किसानों और उद्यमियों को जोड़ना, आम आधारित उद्यानिकी और व्यवसाय को बढ़ावा देना है. वहीं, इस बार महोत्सव का मुख्य आकर्षण "टेस्ट द बेस्ट मैंगो ऑफ इंडिया" रहेगा, जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए उत्कृष्ट आमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.
बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के सचिव अभिजीत नारायण ने बताया कि इस साल ग्रैंड मैंगो फेस्टिवल में करीब 100 से अधिक दुर्लभ और प्रीमियम आम किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. इनमें मुख्य रूप से मियाजाकी, रेड आइवरी, कस्तूरी, नाम डॉक माई पर्पल, गुलाबखास, जर्दालू, लंगड़ा मालदह, अल्फांसो, चौसा, दशहरी, हिमसागर, अम्रपाली सहित अनेक आकर्षक और दुर्लभ आम किस्में देखने को मिलेंगी. इसके साथ ही विभिन्न आमों के फलों और पौधों के बिक्री स्टॉल लगाए जाएंगे तथा फलदार एवं फ्रूटिंग आम के पौधों का भी प्रदर्शन किया जाएगा.
बिहार नर्सरीमेन एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि जून महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय मैंगो फेस्टिवल पटना के आम और खास दोनों लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इन दो दिनों के दौरान आमों की प्रदर्शनी तो लगेगी ही, वहीं बच्चों के लिए आमों से जुड़ी कई तरह की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा.
इसके साथ ही बिहार में आम का व्यापार किस तरह और बढ़ाया जाए, इसको लेकर उद्यमियों, कृषि वैज्ञानिकों, किसानों और नर्सरी संचालकों के साथ विशेष परामर्श भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनके संगठन का एक ही मकसद है कि बिहार के आमों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक अलग पहचान दिलाई जाए.
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