बाजपुर में आग का कहर, कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, किसान बेहाल

बाजपुर में आग का कहर, कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, किसान बेहाल

बाजपुर में भीषण आग लगने से कई एकड़ गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई. पहले बारिश और अब आग ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. आग बुझाने में स्थानीय लोग जुटे, कई झुलसे भी. प्रशासन ने मुआवजे का भरोसा दिया, लेकिन किसान अभी भी संकट में हैं.

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बाजपुर में आग का कहर, कई एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, किसान बेहालगेहूं के खेतों में भीषण आग

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है. यहां बिक्रमपुर गांव में अचानक गेहूं के खेतों में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने बहुत बड़ा रूप ले लिया और कई एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई. खेतों से उठता काला धुआं आसमान तक दिखाई दे रहा था. पूरा इलाका आग की लपटों से घिर गया था.

बारिश के बाद अब आग ने बढ़ाई मुश्किल

किसानों के लिए यह समय बहुत मुश्किल भरा है. कुछ दिन पहले हुई बारिश ने पहले ही उनकी फसल को नुकसान पहुंचाया था. अब आग लगने से उनकी बची हुई फसल भी खत्म हो गई. इस तरह किसानों को कुदरत की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. उनकी मेहनत और उम्मीदें दोनों खत्म होती नजर आ रही हैं.

लोगों ने खुद बुझाई आग, कई लोग झुलसे

जब खेतों में आग लगी, तब आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे. उन्होंने ट्रैक्टर और पेड़ की टहनियों से आग बुझाने की कोशिश की. लेकिन आग बहुत तेज थी. आग बुझाते समय कई लोग झुलस भी गए. दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक काफी नुकसान हो चुका था. बाद में मिलकर आग पर काबू पाया गया.

प्रशासन ने किया निरीक्षण, मुआवजे का भरोसा

घटना की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा. उन्होंने जले हुए खेतों का निरीक्षण किया और नुकसान का अंदाजा लगाया. प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि उनकी कुछ मदद हो सके.

किसानों में गुस्सा, मुआवजे की मांग

भारतीय किसान यूनियन ने इस घटना पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से लगातार किसानों की फसल आग से जल रही है, लेकिन सरकार से उन्हें सही मुआवजा नहीं मिल रहा है. किसानों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द उनकी मदद करे और उन्हें उचित मुआवजा दे.

किसानों की हालत खराब

लगातार नुकसान के कारण किसानों की हालत बहुत खराब हो गई है. उनकी मेहनत की कमाई खत्म हो रही है. अब उनके सामने परिवार चलाने की चिंता भी खड़ी हो गई है. अगर जल्द मदद नहीं मिली, तो किसानों को और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि किसानों की सुरक्षा और मदद के लिए और बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि उनकी मेहनत यूं ही बर्बाद न हो.

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