Kharif Sowing: राजस्‍थान में खरीफ बुवाई 22 फीसदी पीछे, सोयाबीन को बड़ा झटका, जानिए अन्‍य फसलों का हाल

Kharif Sowing: राजस्‍थान में खरीफ बुवाई 22 फीसदी पीछे, सोयाबीन को बड़ा झटका, जानिए अन्‍य फसलों का हाल

राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 की बुवाई धीमी बनी हुई है. 6 जुलाई तक 76.12 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो लक्ष्य का सिर्फ 46% है. पिछले साल के मुकाबले बुवाई का रकबा 21.25 लाख हेक्टेयर यानी करीब 22% कम रहा. जानिए फसलवार बुवाई का क्‍या हाल है...

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राजस्‍थान में खरीफ बुवाई 22 फीसदी पीछे, सोयाबीन को बड़ा झटका, जानिए अन्‍य फसलों का हालराजस्‍थान में पिछड़ी खरीफ की बुवाई

राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 की बुवाई लेट मॉनसून और इसकी धीमी रफ्तार के चलते अभी तक उम्‍मीद के मुताबिक तेजी नहीं पकड़ पाई है. राज्‍य के कृषि विभाग ने  6 जुलाई तक हुई कुल बुवाई का डेटा जारी किया है. कृषि विभाग के मुताबिक, राज्य में अब तक कुल 76.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो 165.39 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का सिर्फ 46 प्रतिशत है. पिछले साल इसी अवधि तक 97.36 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. यानी इस बार अब तक करीब 21.25 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में फसलों की बुवाई हुई है, जाे लगभग 22 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है. 

बाजरा की बुवाई 19.22 लाख हेक्‍टेयर पहुंची

विभाग के अनुसार, अनाज फसलों में धान का रकबा पिछले साल इसी अवधि के 1.04 लाख हेक्टेयर से घटकर 0.69 लाख हेक्टेयर रह गया है. ज्वार की बुवाई 3.03 लाख हेक्टेयर, बाजरा 19.22 लाख हेक्टेयर और मक्का 5.31 लाख हेक्टेयर में हुई है. इनमें बाजरा और मक्का दोनों का रकबा पिछले साल की तुलना में कम है. वहीं, स्मॉल मिलेट्स की बुवाई अभी शुरू नहीं हो सकी है. इस तरह अनाज फसलों की बुवाई 28.25 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो निर्धारित लक्ष्य का 48 प्रतिशत है. 

दलहन फसलों में मूंग आगे

वहीं, दलहन फसलों में मूंग का रकबा 12.86 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल के 13.54 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है. मोठ की बुवाई 3.56 लाख हेक्टेयर, उड़द 1.31 लाख हेक्टेयर, चौला 44,300 हेक्टेयर और अरहर 5,390 हेक्टेयर में हुई है. इसके अलावा अन्य खरीफ दलहन की बुवाई 246 हेक्टेयर रही. पूरे राज्‍य में कुल दलहन क्षेत्र 18.18 लाख हेक्टेयर पहुंचा है, जो लक्ष्य का 44 प्रतिशत है.

मूंगफली में तेजी, साेयाबीन को झटका

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तिलहन फसलों में सबसे अच्छी प्रोग्रेस मूंगफली की खेती में दिखाई दे रही है. अब तक इसकी बुवाई 8.56 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7.37 लाख हेक्टेयर थी. इसके उलट सोयाबीन का रकबा 7.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.90 लाख हेक्टेयर रह गया है. वहीं, तिल की बुवाई 28,703 हेक्टेयर और अरंडी की बुवाई केवल 1,067 हेक्टेयर में हुई है. इस प्रकार कुल तिलहन क्षेत्र में बुवाई 13.76 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई है, जो लक्ष्य की 50 प्रतिशत है. 

कपास की बुवाई में भी गिरावट

इसके अलावा अन्य फसलों में गन्ने की बुवाई 4,072 हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है, जो लक्ष्य का 81 प्रतिशत है और सबसे ज्‍यादा प्रगति वाली फसलों में शामिल है. वहीं, कपास की बुवाई 5.13 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 6.04 लाख हेक्टेयर से कम है. ग्वार का रकबा बढ़कर 8.60 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.82 लाख हेक्टेयर था. अन्य फसलों की बुवाई 2.14 लाख हेक्टेयर में दर्ज की गई है. 

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार खरीफ सीजन में कुछ फसलों, खासकर मूंगफली और ग्वार की बुवाई ने रफ्तार पकड़ी है, जबकि बाजरा, सोयाबीन, कपास, धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलों का रकबा पिछले साल के मुकाबले पीछे चल रहा है. अब आगे मॉनसून की सक्रियता पर ही खरीफ बुवाई की गति और लक्ष्य हासिल होने की तस्वीर काफी हद तक निर्भर करेगी. 

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