मध्य प्रदेश गेहूं खरीदी प्रक्रिया (फाइल फोटो)मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद शुरू हुए 1 महीने का समय बीत चुका है. राज्य में शुक्रवार तक कुल उपार्जन लक्ष्य में से 56 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है और यह प्रक्रिया 23 मई तक चलेगी. वहीं, किसान अंतिम तारीख तक गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक करा सकेंगे. राज्यभर में बने खरीद केंद्रों पर किसानों से बोनस और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है. इस दौरान तौल और भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए केंद्रों के संचालन समय में भी बदलाव किया गया है. अब तक किसानों को खरीदे गए गेहूं के बदले 10,403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि राज्य में अब तक 9 लाख 38 हजार किसानों से 56 लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी दर्ज की गई है. खरीदी का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अधिक किसानों को उपार्जन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है. सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक खरीदी का कार्य किया जा रहा है.
राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है, जिससे लेन-देन में पारदर्शिता बनी हुई है. भुगतान प्रक्रिया को तेज रखने के लिए रसीद जारी करने का समय रात 12 बजे तक कर दिया गया है.
वहीं, खरीद केंद्रों पर तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है. इससे किसानों को देर शाम तक भी अपनी उपज की तौल कराने की सुविधा मिल रही है. तौल की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाकर 4 से 6 कर दी गई है.
खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके साथ ही तौल, गुणवत्ता परीक्षण और पैकिंग के लिए जरूरी संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है. बारदाने, तौल कांटे, हम्माल और तकनीकी उपकरण केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया बिना बाधा के चल सके.
मंत्री ने बताया कि राज्य में गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है. खरीदे गए गेहूं के भंडारण के लिए जूट और अन्य बैग का उपयोग किया जा रहा है, ताकि अनाज सुरक्षित रखा जा सके.
मालूम हो कि राज्य में इस साल देरी से (9 अप्रैल से) गेहूं की खरीद शुरू हुई थी और पहले खरीद का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन रखा गया था. वहीं, बाद में राज्य में बढ़े उत्पादन और प्रदेश सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने खरीद लक्ष्य 22 लाख मीट्रिक और बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन तय किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को एमएसपी और बोनस का लाभ मिल सकेगा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today