खेत की तैयारी में जुटें किसान फोटोः किसान तकझारखंड में देर से ही मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. यहां के किसानों के लिए मॉनसून बेहद खास इसलिए होता है क्योंकि यहां पर अधिकांश खेती वर्षा आधारित होती है. खरीफ के सीजन में यहां पर प्रमुख तौर से धान की खेती की जाती है इसके अलावा मकई, रागी और दलहनी फसलों की खेती भी किसान करते हैं. यहां की खेती के बात करें तो यहां पर अधिकाशं जमीन पठारी है. उपरी जमीन है. इसके अलावा खेत भी है. इसलिए यहां पर किसान डीएसआर तकनीक से भी खेती करते हैं औऱ नर्सरी तैयार करने के बाद धान की रोपाई भी करते हैं. किसानों का यह मानना है कि रोपाई करने से धान की पैदावार अच्छी होती है.
राज्य में किसानों के लिए जारी किए गए कृषि सलाह में कहा गया है कि विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई का उचित समय 30 जून तक हैं इसलिए किसान इस समय तक फसलों की बुवाई कर दें. हालांकि राज्य में 20 जून को बारिश की एंट्री हुई है और 10 दिन में धान या अन्य फसलों की बुवाई करना संभव नहीं है. क्योंकि अभी तक राज्य के किसानों ने अपने खेत भी तैयार नहीं किए हैं और धान की रोपाई के लिए पर्याप्त बारिश अभी तक नहीं हुई है.
कृषि वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि राज्य में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम कृषि के अनुकूल रहने वाला है. इसलिए किसान भाई मध्यम और ऊपरी जमीन पर विभिन्न फसलों की बुवाई जारी रख सकते हैं. किसान भाई धान की फसल को छोड़कर बाकी अन्य फसलों की बुवाई मेढ़ बनाकर ही करें. धान की रोपाई करने वाले खेतों में जल संग्रहण अच्छे तरीके से हो सके इसके लिए मेढ़ों को दुरुस्त कर लें. इसके अलावा विभिन्न सब्जियों की खेती करने के लिए खेत से बेहतर जल निकासी की व्यवस्था जरूर कर लें. इसके साथ ही किसान जल्द से जल्द खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य खत्म करें.
जिन किसानों ने धान की रोपाई के लिए नर्सरी तैयार कर ली है या फिर तैयार कर रहे हैं वो नर्सरी में पर्याप्त नमी बनाए रखें. नर्सरी के बेड के चारों तरफ से जल निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था करें. इसके अलावा जिन किसानों का बिचड़ा दो सप्ताह का हो गया है उसमें यूरिया का भुरकाव दो किलोग्राम प्रति 100 स्क्वायर मीटर के हिसाब से करें. यूरिया भुरकाव से पहले किसान बेड में नमी की स्थिति का ख्याल जरूर रखें. वहीं जिन किसानों ने अब तक नर्सरी तैयार नहीं की है. वो तीन चार दिनों के अंतराल पर तीन चार किस्तों में बीज बोए. साथ ही बीजस्थली को सतह से ऊपर बनाएं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today