बिहार में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, 35 से 50 लाख मीट्रिक टन करने की अपील

बिहार में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, 35 से 50 लाख मीट्रिक टन करने की अपील

बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने की मांग उठी है. राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र भेजकर खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए लक्ष्य में 15 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी की मांग की है.

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बिहार में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, 35 से 50 लाख मीट्रिक टन करने की अपीलबिहार में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग (सांकेति‍क तस्‍वीर)

बिहार में बीते साल से केंद्र सरकार की ओर से धान खरीद का लक्ष्य करीब 10 लाख मीट्रिक टन कम कर दिया गया था. वहीं, इस साल भी बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन ही रखा गया है. हालांकि, इस लक्ष्य को बढ़ाने को लेकर बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्र सरकार से मांग की है. उन्होंने कहा कि खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए राज्य में निर्धारित धान खरीद के लक्ष्य को 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन किया जाए.

अशोक चौधरी ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र भेजकर आवश्यक स्वीकृति जल्द दिलाने का अनुरोध किया है.

बता दें कि बिहार में खरीफ सीजन में सभी फसलों की खेती कुल 42 लाख हेक्टेयर में होती है. जिसमें करीब 37 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की खेती होती है. बिहार में धान की खेती किसानों की आमदनी का बड़ा माध्यम है. पिछले साल से धान खरीद का लक्ष्य कम होने से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जन वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरण के लिए बिहार को हर वर्ष करीब 33.16 लाख मीट्रिक टन चावल की आवश्यकता होती है.  इसके लिए लगभग 48.87 लाख मीट्रिक टन धान की जरूरत पड़ती है.

50 लाख मीट्रिक टन धान खरीद में नहीं कोई चुनौती

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया है. वहीं, राज्य में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू हो जाएगी. हालांकि, सरकार की ओर से वर्तमान निर्धारित लक्ष्य राज्य की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त नहीं है. बिहार में धान उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है. इसलिए केंद्र सरकार धान खरीद का लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन जल्द से जल्द करे.

उन्होंने कहा कि बिहार अब स्थानीय स्तर पर आवश्यक मात्रा में धान की खरीद करने में सक्षम है. खरीद लक्ष्य बढ़ाए जाने से राज्य की खाद्यान्न आवश्यकता की पूर्ति स्थानीय स्तर पर हो सकेगी और दूसरे राज्यों से चावल मंगाने में होने वाली अतिरिक्त परिवहन लागत को भी कम किया जा सकेगा.

राज्य में धान उत्पादन का बढ़ रहा ग्राफ, लक्ष्य कम

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य में धान उत्पादन का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. लेकिन, सरकारी खरीद का लक्ष्य कम हो रहा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में अनुमानित धान उत्पादन 133.26 लाख मीट्रिक टन, वर्ष 2024-25 में धान उत्पादन बढ़कर 141.08 लाख मीट्रिक टन हुआ, जबकि लक्ष्य दोनों वर्ष 45 लाख मीट्रिक टन रहा.

वहीं, वर्ष 2025-26 में उत्पादन 151.36 लाख मीट्रिक टन पहुंचा, लेकिन खरीद लक्ष्य घटकर 36.85 लाख मीट्रिक टन रह गया. वर्ष 2026-27 में अनुमानित उत्पादन 154.39 लाख मीट्रिक टन है और खरीद लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है. जबकि, बिहार की धान खरीद क्षमता में भी लगातार सुधार हुआ है. वर्ष 2023-24 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 68.42 प्रतिशत, वर्ष 2024-25 में 87.18 प्रतिशत और वर्ष 2025-26 में 99.84 प्रतिशत धान की खरीद की गई है.

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