बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा (फाइल फोटो)बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच खेतों में खड़ी फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के सीनियर अफसरों के साथ बैठक कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में कृषि की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने जिलों से फसल क्षति की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा है. सरकार का फोकस फिलहाल नुकसान का सही आकलन करने पर है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
कृषि मंत्री ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को खेतों में पहुंचकर फसलों को हुए नुकसान की स्थिति देखने और उसके आधार पर अपडेटेड रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. विभाग का मानना है कि बाढ़ से कहीं फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है तो कई जगह आंशिक नुकसान भी हुआ है. ऐसे में क्षति का वास्तविक आकलन राहत और मुआवजे की आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होगा.
कृषि विभाग से मिली रिपोर्ट के आधार पर बाढ़ से हुई फसल क्षति का विस्तृत आकलन किया जाएगा. इसके बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार फसल क्षतिपूर्ति और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी. सरकार की कोशिश है कि वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों तक सहायता पहुंचाने में अनावश्यक देरी ना हो. मंत्री ने अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आगे बढ़ाने को कहा है.
बाढ़ का असर केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं रह सकता है. कई इलाकों में खेतों में पानी जमा रहने से अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित होने की आशंका है. इसे देखते हुए कृषि विभाग वैकल्पिक फसल की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है. स्थानीय मिट्टी, मौसम और कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को उपयुक्त वैकल्पिक फसलों के बारे में तकनीकी सलाह और जरूरी मार्गदर्शन देने की योजना है.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
विभागीय स्तर पर जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर बाढ़ के कृषि क्षेत्र पर प्रभाव की समीक्षा जारी रहेगी. सरकार का उद्देश्य राहत देने के साथ यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रभावित किसान जल्द दोबारा अपनी कृषि गतिविधियां शुरू कर सकें और उनका अगला फसल चक्र प्रभावित ना हो.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today