Sugarcane Farming: बिहार में 2.55 लाख हेक्टेयर में होगी गन्ने की खेती, जानिए किस जिले को कितना टारगेट मिला

Sugarcane Farming: बिहार में 2.55 लाख हेक्टेयर में होगी गन्ने की खेती, जानिए किस जिले को कितना टारगेट मिला

बिहार में गन्ना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. गन्ना उद्योग विभाग ने सभी जिलों के लिए खेती का रकबा और उत्पादन लक्ष्य तय कर दिया है. पश्चिमी चंपारण को सबसे अधिक 1.66 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है, जबकि नई चीनी मिलों के लिए पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस है.

Advertisement
बिहार में 2.55 लाख हेक्टेयर में होगी गन्ने की खेती, जानिए किस जिले को कितना टारगेट मिलाबिहार में गन्‍ने की खेती को बढ़ावा

बिहार में गन्ने खेती की का बड़ा विस्तार, 2.55 लाख हेक्टेयर में होगी बुआई, नई चीनी मिलों के लिए तय हुआ लक्ष्य बिहार सरकार ने साल 2026-27 के लिए गन्ना खेती का दायरा बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है. राज्य ने इस बार करीब 2.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती से लगभग 1.74 करोड़ टन गन्ना उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है. गन्ना उद्योग विभाग ने सभी जिलों के लिए अलग-अलग रकबा और उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि भविष्य में चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल मिल सके.

नई 25 चीनी मिल चालू करेगी बिहार सरकार

राज्य सरकार सात निश्चय-3 के तहत 'समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार' अभियान को आगे बढ़ा रही है. इसी योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना की तैयारी चल रही है. प्रस्तावित 25 नई चीनी मिलों के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में गन्ने की जरूरत होगी. इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने किसानों को गन्ना खेती के लिए प्रोत्साहित करने और खेती का रकबा बढ़ाने की रणनीति बनाई है.

इन जिलों को सबसे ज्‍यादा लक्ष्‍य मिला

जिलों के हिसाब से तय किए गए लक्ष्य गन्ना उद्योग विभाग ने हर जिले के लिए खेती और उत्पादन का अलग लक्ष्य निर्धारित किया है. पश्चिमी चंपारण को सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक जिला बनाने की दिशा में 1.66 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का लक्ष्य दिया गया है. इसके बाद पूर्वी चंपारण और गोपालगंज का स्थान है. दूसरी ओर, अरवल, सुपौल, कटिहार और जहानाबाद जैसे जिलों में सीमित क्षेत्र में गन्ना खेती का लक्ष्य रखा गया है.

जिलावार गन्ने का रकबा और उत्पादन लक्ष्य

जिला रकबा (हेक्टेयर) उत्पादन लक्ष्य (टन)
पश्चिमी चम्पारण 166090 10855348
पूर्वी चम्पारण 26693 1860772
गोपालगंज 19174 1548084
सिवान 3552 208293
सारण 938 60222
वैशाली 542 27089
मुजफ्फरपुर 4670 344820
शिवहर 1751 123549
सीतामढ़ी 5552 408460
मधुबनी 2000 152552
दरभंगा 2000 130365
समस्तीपुर 10105 727754
बेगूसराय 8295 694071
खगड़िया 650 48703
सहरसा 95 6922
सुपौल 7 463
मधेपुरा 80 5648
पूर्णिया 44 3058
अररिया 51 3583
कटिहार 13 879
किशनगंज 22 1548
पटना 407 29392
नालंदा 36 2498
जहानाबाद 15 1018
अरवल 5 370
गयाजी 121 8852
नवादा 24 1578
औरंगाबाद 37 2672
भोजपुर 25 1759
रोहतास 36 2617
बक्सर 98 8015
कैमूर 37 2497
जमुई 156 11368
मुंगेर 36 2883
लखीसराय 138 7191
शेखपुरा 122 10119
भागलपुर 704 51750
बांका 762 46819
कुल 255085 17403582

उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाओं पर रहेगा जोर

विभाग का मानना है कि गन्ना क्षेत्र का विस्तार होने से किसानों की आय बढ़ेगी और चीनी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी. इसी उद्देश्य से राज्य के विभिन्न जिलों में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. खेती के रकबे में बढ़ोतरी के साथ आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के जरिए उत्पादन बढ़ाने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. 

POST A COMMENT