भैंसा गायब होने पर दिव्यांग की हत्या कर दी गई. (Photo: Representational )पशु का कम दूध देना या अचानक से दूध देना बंद कर देना, इसकी बहुत सारी वजह होती हैं. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो इसमे जो बड़ी और खास वजह है वो पशु की खुराक है. अगर पशु की खुराक में जरूरत की चीजें शामिल नहीं की गईं तो उत्पादन घट जाएंगा और क्वालिटी भी खराब हो जाएगी. वहीं खुराक की तय मात्रा कम या ज्यादा हो गई तो इसका भी असर उत्पादन पर पड़ेगा. कई बार ऐसा भी होता है कि हरा चारा पशु का पेट खराब कर देता है. और जैसे ही पशु का पेट खराब होता है तो उत्पादन भी घट जाता है.
क्योंकि दूध और बच्चा देने वाली गाय-भैंस हो या फिर नई उम्र का बढ़ता हुआ पशु, तीनों को ही जरूरत के हिसाब से एक खास खुराक की जरूरत होती है. एक्सपर्ट के मुताबिक दूध उत्पादन और पशु की ग्रोथ बढ़ाने के लिए ये बहुत जरूरी है कि पशु की पाचन क्रिया यानि उसका पेट सही रहे. क्योंकि पशु जरूरी तत्व जैसे वसा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, खनिज लवण एवं विटामिन की जरूरत तभी पूरी कर पाएगा जब उसका पेट सही होगा.
एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशु का पेट खराब यानि अफरा होने पर पशु के बाई और की साइड का पेट फूल जाता है. पेट का आकार बढ़ा हुआ दिखाई देता है. रूमन का गैसों से अधिक फूल जाने के कारण डायफ्राम पर दबाव पड़ता है. पशु को सांस लेने में दिक्कत होती है. पशु मुंह खोलकर जीभ बाहर निकालकर सांस लेता है. पशु बैचेन और सुस्त दिखाई देता है. बार-बार थोड़ा-थोड़ा गोबर-पेशाब करता है.
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