Poultry Equipment: मुर्गियों की सेहत और अंडे-चिकन पर चीनी उपकरणों का खतरा, IPEMA ने उठाए सवाल

Poultry Equipment: मुर्गियों की सेहत और अंडे-चिकन पर चीनी उपकरणों का खतरा, IPEMA ने उठाए सवाल

Poultry Equipment अंडे-चिकन से जुड़े पोल्ट्री सेक्टर से एक बड़ी खबर आ रही है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि पोल्ट्री फार्म में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मुर्गे-मुर्गियों की सेहत के लिए खतरा बन रहे हैं. यहां तक की उसका असर अंडे और चिकन उत्पादन पर भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि ये उपकरण चीन से इंपोर्ट किए जा रहे हैं.  

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Poultry Equipment: मुर्गियों की सेहत और अंडे-चिकन पर चीनी उपकरणों का खतरा, IPEMA ने उठाए सवालप्रतीकात्मक तस्वीर.

इंडियन पोल्ट्री इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (IPEMA) ने पोल्ट्री उपकरणों को लेकर कई बड़े गंभीर सवाल उठाए हैं. सवाल सीधे-सीधे मुर्गियों की हैल्थ और अंडे-चिकन दूषि‍त होने से जुड़े हुए हैं. आईपीमा के प्रेसिडेंट का आरोप है कि भारत में खराब और दूषि‍त प्लास्टिचक से बने पोल्ट्री उपकरण डंप किए जा रहे हैं. कारोबार करने के नाम पर इन्हें चीन से मंगाया जा रहा है. ऐसे उपकरण पोल्ट्री फार्म में इस्तेमाल करने पर ये मुर्गें-मुर्गियों की सेहत के लिए खतरा बने हुए हैं. इतना ही नहीं उसका असर अंडे और चिकन पर भी पड़ रहा है. 

लेकिन अभी इसे लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. पोल्ट्री फार्मर भी सस्ते उपकरण के चलते इसका शि‍कार हो रहे हैं. हालांकि इस मामले में मिनिस्ट्री समेत पीएमओ से अपील की जा चुकी है. वहीं पोल्ट्री सेक्टर में ऐसे उपकरणों के खि‍लाफ जागरुकता अभि‍यान शुरू कर दिए गए हैं. वहीं जल्द ही इस मामले को इसी महीने दिल्ली में होने वाली एक बड़ी मीटिंग में उठाया जाएगा.  

लैड, शीशा और हैवी मेटल का खतरा 

आईपीमा प्रेसिडेंट उदय सिंह बयास का कहना है कि चीन से जो उपकरण आ रहे हैं उसमे मुर्गियों के पानी पीने वाला ड्रिंकर और फीड खाने वाला फीडर भी शामिल है. इसमे थर्ड ग्रेड की टॉक्सिनक प्लास्टिकक इस्तेमाल की जा रही है. ये एक बड़ा खतरा है. इसके अलावा और भी उपकरण पोल्ट्री फार्म के लिए चीन से आ रहे हैं. जिसके चलते लैड, शीशा और हैवी मेटल का खतरा बढ़ गया है. हमने पशुपालन और डेयरी मंत्रालय समेत पीएमओ से अपील की है कि वो इसकी जांच कराएं. पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही उपकरण देश में आएं. इसे कंट्रोल करने के लिए इंपोर्ट डयूटी को बढ़ाया जाए. 

यूरोपीय देश भारत से खरीद रहे पोल्ट्री उपकरण 

उदय सिंह ने किसान तक के एक लाइव शो में बताया कि भारत पोल्ट्री उपकरण बनाने में पूरी तरह से सक्षम है. देश में पोल्ट्री फार्मर की डिमांड पूरी करने के साथ ही हम एक्सपोर्ट भी करते हैं. खास बात ये है कि भारत से पोल्ट्री उपकरण खरीदने वालों में यूरोपीय देश भी शामिल हैं. वो लगातार हमसे उपकरण खरीदते हैं. उपकरणों को लेकर उनके मानक बहुत हाई होते हैं. बावजूद इसके हम हर मानक को पूरा करते हैं.  

IPEMA ने दिए ये सुझाव 

  • घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए HSN 84362900 के तहत पोल्ट्री इक्विपमेंट के लिए इंपोर्ट ड्यूटी स्ट्रक्चर की समीक्षा की जाए और उसे मजबूत बनाया जाए. 
  • भारतीय बाज़ार में घटिया क्वालिटी के प्रोडक्ट्स को आने से रोकने के लिए इंपोर्ट की गई पोल्ट्री मशीनरी की सख्ती के साथ क्वालिटी और नियमों की जांच की जाए. 
  • सब्सिडी स्कीम, संस्थागत खरीद और सरकार समर्थित प्रोजेक्ट्स में “मेक इन इंडिया” पोल्ट्री इक्विपमेंट को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. 
  • टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन इंसेंटिव, आसान फाइनेंसिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन सहायता की मदद से MSME पोल्ट्री इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को सपोर्ट किया जाए. 
  • इंपोर्ट किए गए इक्विपमेंट में अंडर-इनवॉइसिंग और अनुचित प्राइसिंग प्रैक्टिस के खि‍लाफ उचित निगरानी तंत्र बनाया जाए. 

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