Dairy Ice cream: सालभर का आधा मुनाफा 3 महीने में आइसक्रीम से कमाती हैं डेयरी कंपनियां

Dairy Ice cream: सालभर का आधा मुनाफा 3 महीने में आइसक्रीम से कमाती हैं डेयरी कंपनियां

Dairy Ice cream डेयरी कंपनियों की खास नजर गर्मी के सीजन पर रहती है. अप्रैल से जून तक का ये वो वक्त होता है जब तापमान अपने चरम पर होता है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो गर्मी का सीजन शुरू होते ही कंपनियां बाजार में डेयरी से जुड़े करीब 30 से ज्यादा नए प्रोडक्ट लांच करती हैं. इसमे से लगभग 20 प्रोडक्ट आइसक्रीम से जुड़े होते हैं. इसके बाद ग्रीक योगर्ट और दूसरे आइटम होते हैं.

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Dairy Ice cream: सालभर का आधा मुनाफा 3 महीने में आइसक्रीम से कमाती हैं डेयरी कंपनियांआइसक्रीम का इतिहास (फोटो - Pexels)

डेयरी कंपनियां पशुपालकों से भैंस का दूध 80 से 90 रुपये लीटर तक खरीदती हैं. लेकिन उसी दूध को बाजार में 70 रुपये लीटर के हिसाब से बेच देती हैं. अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब डेयरी कंपनियां महंगा दूध खरीदकर सस्ता बेचती हैं तो फिर उन्हें मुनाफा कैसे होता है. वो भी तब जब पशुपालकों से दूध खरीदकर डेयरी प्लांट तक उसे पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट पर भारी-भरकम रकम खर्च की जाती है. इस बारे में डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी कंपनियां दूध से कम और दूसरे प्रोडक्ट से ज्यादा मुनाफा कमाती हैं. 

इसमे खासतौर पर आइसक्रीम शामिल है. अगर आइसक्रीम की बिक्री और उससे होने वाले मुनाफे के बारे में बात की जाए तो कंपनियां पूरे साल का आधा मुनाफा सिर्फ तीन महीने में आइसक्रीम से ही कमा लेती हैं. दूसरे नंबर पर दही और छाछ है. डेयरी के सबसे ज्यादा प्रोडक्ट भी गर्मियों के मौसम में ही लांच होते हैं.   

डेयरी के लिए खास होते हैं अप्रैल-जून

डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो छाछ-लस्सी, दही और आइसक्रीम बनाने वाली डेयरी कंपनियां अपनी सालभर की कमाई का आधा हिस्सा तो अप्रैल से जून में ही कमा लेती हैं. इसीलिए सभी कंपनियों की निगाह गर्मी के सीजन पर रहती है. मौसम के जानकारों का कहना है कि अप्रैल से जून तक का ये वो वक्त  होता है जब तापमान अपने चरम पर होता है. इस वक्त तरह-तरह की आइसक्रीम खूब बिकती है. हालांकि अब तो सर्दियों के मौसम में भी आइसक्रीम बिकती है. यही वजह है कि डेयरी कंपनियां हर साल गर्मियों में आइसक्रीम की वैराइटी लांच करती हैं. 

जितनी गर्मी बढ़ेगी उतनी आइसक्रीम बिकेगी 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों वाले अप्रैल और मई-जून ज्यादातर डेयरी कंपनियों के लिए मुनाफे वाले साबित होते हैं. आइसक्रीम और दही-छाछ लाइन लगाकर बिकते हैं. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है तो अप्रैल के मुकाबले मई-जून में आइसक्रीम की बिक्री में 25 से 30 फीसद तक का उछाल आ जाता है. बिक्री और मुनाफे की बात करें तो पूरे साल के मुकाबले इन्हीं तीन महीनों में ज्यादा रहता है. बिक्री और मुनाफे का पहले से तय 50 फीसद टॉरगेट भी जून तक पूरा हो जाता है. 

क्लाइमेट चेंज का पड़ने लगा है असर 

अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी का कहना है कि डेयरी कंपनी छोटी हो या बड़ी सभी को गर्मी के मौसम में आइसक्रीम और दही-छाछ से बड़ी उम्मीद रहती है. अपने टॉरगेट भी इसी के आधार पर तय करते हैं. लेकिन कई बार से क्लाइमेंट चेंज असर भी बिक्री पर दिखने लगा है. क्योंकि अप्रैल से लेकर जून तक आइसक्रीम और दही-छाछ का सीजन रहता है. लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि खासतौर पर इन्हीं तीन महीनों के दौरान बीच-बीच में बारिश हो जाती है. जो बिक्री को प्रभावित करती है. 

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