Seafood Export: टैरिफ के बाद भी बढ़ रहा झींगा एक्सपोर्ट, सरकार ने संसद में बताया आंकड़ा

Seafood Export: टैरिफ के बाद भी बढ़ रहा झींगा एक्सपोर्ट, सरकार ने संसद में बताया आंकड़ा

Seafood Export भारत करीब 130 देशों को 350 सीफूड आइटम एक्सपोर्ट करता है. यूएसए सीफूड का एक बड़ा खरीदार है. लेकिन बीते कुछ वक्त से बढ़ते टैरिफ की वजह से बाजार में हलचल देखी जा रही थी. मछली पालक और मछुआरे तक इसकी वजह से डरे हुए थे. लेकिन केन्द्र सरकार ने जो रिपोर्ट पेश की है उसके मुताबिक टैरिफ बढ़ने के बाद भी एक्सपोर्ट की मात्रा और वैल्यू दोनों ही बढ़ रही हैं.  

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Seafood Export: टैरिफ के बाद भी बढ़ रहा झींगा एक्सपोर्ट, सरकार ने संसद में बताया आंकड़ाHeavily-subsidised Indian farm-raised shrimp accounts for 40% of US shrimp imports. 

हाल ही में केन्द्र सरकार ने सीफूड एक्सपोर्ट से जुड़ा एक आंकड़ा संसद में रखा है. आंकड़ों पर जाएं तो देश के लिए बड़ी खुशखबरी है. टैरिफ वाली तमाम बंदिशों के बाद भी देश से झींगा का एक्सपोर्ट बढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक न सिर्फ झींगा में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि सीफूड से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट की डिमांड भी इंटरनेशनल बाजार में बढ़ी है. ये तब हुआ है जब अमेरिका ने भारतीय झींगा पर 58.26 फीसद टैरिफ लगाया हुआ है. संसद में अप्रैल 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक हुए एक्सपोर्ट के आंकड़े रखे गए हैं.   

भारत से साल 2020-21 में 43721 करोड़ रुपये का सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. यही साल 2024-25 में बढ़कर 62408 करोड़ रुपये हो गया है. इसे करीब 42.7 फीसद की बढ़ोतरी के साथ देखा जा रहा है. अगर प्रोडक्ट की मात्रा की बात करें तो साल 2020-21 में 11.49 लाख मीट्रिक टन सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. साल 2024-25 में यही बढ़कर 16.98 लाख मीट्रिक टन हो गया. इसमे करीब 47.8 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. 

टैरिफ के बाद अमेरिका को बढ़ा एक्सपोर्ट

अमेरिका ने भारतीय चीजों के अमेरिकी बाजारों में आने पर 58.26 फीसद टैरिफ लगा दिया था. हालांकि हाल ही में इसे घटाकर 18 फीसद कर दिया गया है. लेकिन 58.26 फीसद टैरिफ ने भारत के बाजारों में खलबली पैदा कर दी थी. इसके बाद भी अब जो खबर आई है वो बेहद खुशी देने वाली है. केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक  टैरिफ बढ़ने के बाद भी यूएसए को सीफूड एक्सपोर्ट बढ़ा है.

जैसे साल 2020-21 में 17990 करोड़ रुपये का सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. लेकिन साल 2024-25 में ये बढ़कर 22723 करोड़ रुपये हो गया है. ये तो रहे वैल्यू के आंकड़े, अब अगर मात्रा की बात करें तो साल 2020-21 में 2.91 लाख मीट्रिक टन सीफूड एक्सपोर्ट हुआ था. जब साल 2024-25 में ये बढ़कर 3.46 लाख मीट्रिक टन हो गया है.

सीफूड एक्सपोर्ट में अव्वल है तमिलनाडु

तमिलनाडु का सीफूड सेक्टर राज्य की कोस्टल इकॉनमी में अहम रोल अदा करता है. इसमे शामिल झींगा पालन और एक्सपोर्ट से रोजगार और इनकम बढ़ाने में मदद मिलती है. साथ ही बड़ी संख्या में कोस्टल परिवार अपनी रोजी-रोटी के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से एक्वाकल्चर, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट से जुड़ी यूनिट पर निर्भर हैं. साल 2024-25 के दौरान तमिलनाडु ने 5745 करोड़ रुपये की कीमत के एक लाख और आठ हजार टन सीफूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए हैं.

वहीं साल 2025-26 (अप्रैल से जनवरी, प्रोविजनल) के दौरान तमिलनाडु ने 6324 करोड़ रुपये की कीमत के 1.25 लाख टन सीफूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए हैं. जबकि साल 2024-25 में ये आंकड़ा 5745 करोड़ रुपये और मात्रा 1.08 टन सीफूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट का था. यह ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद राज्य में सीफूड सेक्टर की लगातार ग्रोथ और मजबूती को दिखाता है.

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