बटेर पालन से जुड़ी सारी बातेंBater Farming संख्या बेशक कम हो, लेकिन मुर्गे (चिकन) के बाद पोल्ट्री मीट में बटेर को पसंद किया जा रहा है. एक्सपर्ट की मानें तो बटेर से सेहत भी बनती है तो बटेर पालन मुनाफा भी खूब कराता है. आज बाजार में बटेर के मीट और अंडों की खूब डिमांड है. बटेर एक पोल्ट्री बर्ड है. इसके मीट और अंडों की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है. एक्सपर्ट के मुताबिक बटेर के मीट में पौष्टिकता के ज्यादातर गुण पाए जाते हैं. यही वजह है कि बटेर का मीट बाजार में खासा महंगा में मिलता है. मीट डिमांड और इसके महंगा होने के चलते बटेर पलकों को अच्छा खासा मुनाफा मिल जाता है.
एक्सपर्ट का दावा है कि बटेर के मीट में प्रोटीन की मात्रा 25 फीसद तक होती है. खाने में बटेर के प्रोटीन को बहुत अच्छा माना जाता है. बटेर के अंडों की बात करें तो इसमे 41 तत्व पाए जाते हैं. मुर्गी पालन की तरह से बटेर से लम्बे वक्त तक मुनाफा नहीं कमा सकते हैं. बटेर सिर्फ 60 हफ्तों ही अंडे देती है. हालांकि जंगली बटेर पांच से छह साल तक अंडे दे सकती है.
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राज नारायण का कहना है कि बटेर का इस्तेमाल सिर्फ मीट और अंडे के लिए ही नहीं किया जाता है. बटेर से करीब पांच से छह तरह के प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. लेकिन बटेर से प्रोडक्ट बनाने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है. बरेली में ये ट्रेनिंग दी जाती है. बटेर के अंडे का अचार बहुत अच्छी रेसिपी मानी जाती है. बटेर का मीट चिकन बहुत महंगा मिलता है. चिकन दो से ढाई सौ रुपए किलो तक मिल जाता है. जबकि बटेर का मीट एक हजार रुपये से लेकर से 1200 रुपये किलो तक बिकता है. हालांकि मौसम के हिसाब से इसके दाम घटते-बढ़ते रहते हैं.
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