Cow-Goat Farming: गाय नहीं बकरी पालने वालों की बढ़ रही भीड़, गाय के मुकाबले है सस्ता और आसान 

Cow-Goat Farming: गाय नहीं बकरी पालने वालों की बढ़ रही भीड़, गाय के मुकाबले है सस्ता और आसान 

Cow-Goat Farming पीएम मोदी का कहना है कि किसानों को गाय-भैंस के अलावा बकरी पालन के बारे में भी सोचना चाहिए. मन की बात में उन्होंने ये बात कही थी. मकसद है किसानों की इनकम दोगुनी करने का. सरकारी योजनाएं भी इस बात की गवाह हैं कि देश में गाय पालन से ज्यादा बकरी पालन तेजी से बढ़ रहा है. 

Advertisement
Cow-Goat Farming: गाय नहीं बकरी पालने वालों की बढ़ रही भीड़, गाय के मुकाबले है सस्ता और आसान 

कल तक बकरी पालन को बहुत ही बुरी नजर से देखा जाता था. ये माना जाता था कि जो बकरी पालन कर रहा है वो बहुत गरीब है. इतना ही नहीं बकरियों को गरीबों की गाय तक कहा जाता था. लेकिन आज हाल ये है कि एक मल्टीनेशनल कंपनी ने बेंग्लोर में बकरे-बकरियों का बड़ा फार्म शुरू किया है. यूपी में भी 5 हजार बकरे-बकरियों का फार्म खुला है. केन्द्र सरकार की योजना नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत पशुपालन के लिए सब्सिकडी दी जाती है. हाल ये है कि इस योजना में गाय से ज्यादा लोग बकरी पालन के लिए लोन लेने आ रहे हैं. 

साल 2024 में खुद पीएम नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में गाय और बकरी पालन की तुलना करते हुए बकरी पालन को बढ़ावा दिया था. एनिमल एक्सपर्ट का भी मानना है कि गाय के मुकाबले बकरी पालन आसान और सस्ता है, इसीलिए ज्यादा से ज्यादा लोग बकरी पालन में आ रहे हैं. बकरियों की कई ऐसी नस्ल हैं जो गाय से ज्यादा दूध देती हैं. बकरी गाय के मुकाबले बच्चे भी ज्यादा देती हैं.  

गाय से ज्यादा दूध दे रही हैं बकरी 

डॉ. इन्द्रजीत सिंह, वाइस चांसलर, बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी, पटना, बिहार का कहना है कि बीटल नस्ल की बकरी हर रोज पांच लीटर तक दूध देती है. जबकि देसी गाय के दूध का एवरेज 2.5 लीटर प्रति दिन है. गाय को रोजाना सात से आठ किलो सूखा चारा चाहिए, जबकि बकरी के लिए दिनभर में ज्यादा से ज्यादा दो किलो हरा चारा बहुत हो जाता है. बीटल बकरी साल में दो बार बच्चे देती है. एक बार में बकरी दो से तीन बच्चे तक देती है. जबकि गाय बकरी के इस मुकाबले में कहीं नहीं ठहरती है.

बीटल के अलावा बकरियों की और भी कई ऐसी नस्ल हैं जो सालभर में दो बार दो से तीन बच्चे तक देती हैं. अगर कोई बीटल बकरी को दूध का कारोबार करने के लिहाज से पालता है तो वो भी अच्छी कमाई कर सकता है. क्योंकि आज बकरी के दूध की डिमांड को देखते हुए उसकी कोई एक कीमत तय नहीं है. जो पंजाब बकरी पालने में शर्म महसूस करता था आज उसी पंजाब में बकरियों के 150 से ज्यादा बड़े फार्म हैं. ज्यादातर लोग बकरी के दूध का कारोबार कर रहे हैं. 

बकरी-गाय पालन से जुड़ी कुछ खास बातें

  • गाय के मुकाबले बकरी सस्ती आती है. 
  • बकरी पालन कम जगह में किया जा सकता है.
  • बकरी को खूंटे से बांधकर भी पाला जा सकता है. 
  • बरबरी बकरी घर की छत पर रहकर भी पल जाती है. 
  • बकरी दूध-बच्चे देना बंद कर दे तो उसे मीट के लिए बेच सकते हैं.
  • बकरी की मेंगनी बेचकर हर महीने आठ से दस हजार कमा सकते हैं. 
  • बकरी एटीएम है, इसे कभी भी नकद बेचा जा सकता है. 
  • एनएलएम में बीते साल 18 हजार आवेदन आए थे. 
  • 18 हजार में से 14 हजार आवेदन बकरी पालन के लिए आए थे. 

इसलिए महंगा होता है बकरी का दूध 

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा के डायरेक्टर मनीष कुमार चेटली का कहना है कि बकरी का दूध सिर्फ दूध ही नहीं है. ये दूध कई तरह की बीमारियों में भी फायदा पहुंचाता है. यही वजह है कि यूरोपीय देशों में आज भी बच्चों की 95 फीसद दवाई बकरी के दूध से बनाई जाती हैं. उन्होंने किसान तक को बताया कि ऐसा नहीं है कि बकरियों का दूध सिर्फ डेंगू में ही फायदेमंद है.

ये कैंसर और हार्ट के मरीजों को भी फायदा पहुंचाता है. लेक्टोज की मात्रा कम होने के चलते डायबिटीज के मरीजों के लिए भी ये दवाई का काम करता है. पेट की कई बीमारियों में इसे पीने से आराम मिलता है. खासतौर पर आंत की बीमारी कोलाइटिस में तो बकरी का दूध बहुत ही फायदेमंद है. जानकारों की मानें तो अभी आनलाइन ही बकरी का दूध 300 से 350 रुपये लीटर तक बिक रहा है. अब तो बकरी के दूध का पाउडर भी बन रहा है. 

    ये भी पढ़ें- Egg Rate: बाजार में पहली बार 8 से 12 रुपये तक का बिक रहा अंडा, ये है बड़ी वजह

    ये भी पढ़ें- Egg Testing: अंडा खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे जांचें अंडे की क्वालिटी

    POST A COMMENT