Milking Animals: सभी गाय-भैंस नहीं देती हैं दूध, न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ने बताईं बड़ी वजह

Milking Animals: सभी गाय-भैंस नहीं देती हैं दूध, न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ने बताईं बड़ी वजह

Milking Animals ऐसा माना जाता है कि पशुपालक भी पशुओं की खुराक से ज्यादा उसके दूध उत्पादन पर ध्यान देते हैं. वजह महंगाई हो या फिर कुछ और, लेकिन पशुओं को उनकी पूरी पोषक खुराक नहीं मिल पा रही है. जिसका असर गाय-भैंस की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ रहा है. हैल्थ के हिसाब से भी पशु कमजोर हो रहे हैं. इम्यूनिटी कमजोर हो रही है. जिसके चलते पशु जल्दी ही बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. 

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Milking Animals: सभी गाय-भैंस नहीं देती हैं दूध, न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ने बताईं बड़ी वजह

कुल दूध उत्पादन में भारत नंबर वन है. गाय के दूध उत्पादन में देश विश्व में पहले नंबर पर है. देश में दूध देने वाले पशुओं की संख्या भी दूसरे देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. लेकिन अफसोस की बात ये है कि सभी गाय-भैंस दूध नहीं देती हैं. यहां तक की जो देती भी हैं तो प्रति पशु दूध उत्पादन भी काफी कम है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो देश में करीब 40 फीसद पशु ही दूध देते हैं. हालांकि पशुओं के दूध न देने और कम देने के पीछे भी बड़ी वजह पशुपालक ही है. पशुओं का दूध न देना और कम देने की वजह उनकी खुराक से जुड़ी हुई है. 

दूध के खुदरा दाम पर भी पड़ रहा है 

डेयरी न्यूट्रिशन एक्सपर्ट का कहना है कि सभी पशुओं का दूध न देना और जो दे रहे हैं उनका कम दूध देने की बड़ी वजह पशुओं को पोषक खुराक का न मिलना है. एक दुधारू पशु को जितने हरे-सूखे चारे, दाना और मिनरल्स की जरूरत होती है वो उसे नहीं मिल पा रहा है. बाजार में दूध के दाम बढ़ने के पीछे भी यही बड़ी वजह भी यही है कि चारे की लागत बढ़ गई है.

इसलिए नहीं बढ़ रहा दूध उत्पादन 

  • डेयरी न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. दिनेश भोंसले दूध उत्पादन न बढ़ने की कई वजह बताई हैं. 
  • साल 2025 में हमारे देश में 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. 
  • कुछ दूध उत्पादन में 52 फीसद से ज्यादा हिस्सेदारी गाय की है. 
  • कुल दूध उत्पादन में बकरी के दूध की हिस्सेदारी करीब साढ़े तीन फीसद है. 
  • हमारे देश में 30 करोड़ पशु दूध देने वाले हैं. 
  • देश में 30 करोड़ में से सिर्फ 10 करोड़ पशु ही दूध देते हैं. 
  • पशुपालक का पूरा ध्यान पशु से ज्यादा दूध लेने पर रहता है. 
  • दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं के खानपान पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. 
  • एक सामान्य गाय-भैंस को कम से कम 10 किलो हरा चारा चाहिए. 
  • 10 किलो हरे चारे के साथ पांच किलो सूखा चारा जरूर खिलाना चाहिए. 
  • गाय-भैंस 10 किलो दूध देती है तो उसे कम से कम पांच किलो मिनरल मिक्चर चाहिए. 

दूध उत्पादन न बढ़ने की ये भी हैं बड़ी वजह 

  • इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी ने और भी कई वजह बताई हैं. 
  • हमारे देश में बहुत सारे लोग तीन-चार गाय-भैंस का पालन करते हैं. 
  • ऐसे में उनके दूध की कमाई का एक बड़ा हिस्सा चारा और मिनरल्स खरीदने में खर्च हो जाता है. 
  • मक्का और सोयाबीन के बढ़ते दाम किसी से छिपे नहीं हैं. 
  • मक्का-सोयाबीन खाने को ना दें तो पशु के दूध में अच्छी फैट नहीं आएगी. 
  • पशुपालक मिनरल्स की कमी को पूरा करने के लिए हरा चारा ज्यादा खि‍लाते हैं. 
  • न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादा हरा चारा खि‍लाना गलत है. 
  • क्वालिटी दूध के लिए हरे-सूखे चारे और मिनरल्स की मात्रा दूध उत्पादन के मुताबिक देनी चाहिए. 
  • दूध की लागत भी दूध का उत्पादन बढ़ाकर ही कम की जा सकती है. 

निष्कर्ष- 

पशु से ज्यादा दूध सिर्फ हरा चारा खि‍लाने से नहीं मिलता है. जो पशु दूध नहीं दे रहा है उससे भी दूध लेने के लिए जरूरी है कि हरा-सूखा चारा, दाना और मिनरल्स खि‍लाए जाएं. ऐसे करके ही दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और दूध की क्वालिटी बढ़ाई जा सकती है.

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