Buffalo Milk: गाय-भैंस पालन के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट, पढ़ें डिटेल 

Buffalo Milk: गाय-भैंस पालन के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट, पढ़ें डिटेल 

Buffalo Milk मुर्रा भैंस को ब्लैक गोल्ड भी कहा जाता है. लेकिन ये तब ही मुमकिन है जब पशुपालक दुधारू पशुओं की पहचान करेंगे. बीमारी से बचाने के लिए साइंटीफिक तरीके से पशुपालन करेंगे. अलर्ट रहते हुए वक्त से इलाज कराएंगे. पशुपालन से जुड़ी टेक्नोलॉजी को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करेंगे. 

Advertisement
Buffalo Milk: गाय-भैंस पालन के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट, पढ़ें डिटेल 

अगर कोई किसान है और वो दूध के लिए एक-दो पशु पालना चाहता है तो वो भैंस पाल सकता है. और अगर कोई दूध का कारोबार करना चाहता है तो वो देसी नस्ल की गाय पाल सकता है. अगर एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस दोनों के पालन का तरीका अलग है. दूध उत्पादन और उसका मुनाफा भी अलग-अलग होता है. लेकिन आज भी सबसे ज्यादा डिमांड भैंस के दूध की ही होती है. गाय के मुकाबले दूध भी भैंस का ही महंगा बिकता है. हालांकि भैंस गाय के मुकाबले महंगी आती है. आज के वक्त में एक भैंस की कीमत 80 हजार रुपये से शुरू हो जाती है. बाकी उसके दूध देने के हिसाब से उसकी कीमत तय होती है.  

भैंस को पशुपालक का चलता-फिरता एटीएम भी कहा जाता है. आज सड़कों पर और खेतों में गाय छुट्टा घूमती हुई दिख जाएगी, लेकिन तलाशने पर एक भी भैंस आपको छुट्टा घूमती हुई नहीं मिलेगी. क्योंकि गाय के मुकाबले इसकी कीमत भी ज्यादा होती है. यहां तक की दूध देना बंद कर दे तब भी भैंस 50 से 60 हजार रुपये की बिक जाती है. 

गाय नहीं भैंस का दूध कराता है मुनाफा 

सेंट्रल बफैलो रिसर्च इंस्टीट्यूट, हिसार, हरियाणा के पूर्व डायरेक्टर डीके दत्ता का कहना है कि पशुपालन के लिए भैंस को गाय से बेहतर बताने के कई कारण हैं. जैसे भैंस में मादा और नर दोनों ही काम के हैं. मादा हो तो खूब दूध देती है. नर हो तो एक-डेढ़ साल का बेच दो अच्छे पैसे मिलते हैं. नर को ब्रीडर बनाओ तो वो भी मुनाफा कमाता है. इतना ही नहीं गाय के मुकाबले भैंस का दूध महंगा बिकता है.

भैंस दूध देना बंद कर दे तब भी 35 से 40 हजार रुपये की बिक जाती है. इतना ही नहीं जब भी पैंसों की जरूरत हो तो भैंस को आप बड़ी ही आसानी से बेच सकते हैं. जबकि गाय के साथ ऐसा नहीं है. आज सेक्स सॉर्टेड सीमन का इस्तेमाल कर गाय से नर का जन्म रोका जा रहा है. सिर्फ दुधारू गाय ही बिकती है. गाय दूध देना बंद कर दे तो कोई खरीदार नहीं है. खेतों और सड़कों पर गाय छुट्टा घूम रही हैं. 

मुर्रा से कम नहीं नीली रावी 

टीके दत्ता का कहना है कि आज देशभर में मुर्रा नस्ल की भैंस बहुत पसंद की जा रही है. मुर्रा भैंस को ब्लैक गोल्ड भी कहा जाता है. लेकिन एक और दूसरी नस्ल नीली रावी भी है जो किसी तरह मुर्रा से कम नहीं है. लेकिन ये पूरी तरह से काली नहीं है तो पशुपालक इसमे रूचि नहीं दिखाते हैं. जबकि ज्यादा दूध देने के मामले में ये अच्छी भैंस है. आपको बता दें कि पंजाब में गाय-भैंस की होने वाली प्रतियोगिताओं में मुर्रा के अलावा नीली रावी ही शामिल होती है. इसके अलावा कोई नस्ल वहां नहीं आती है. इसलिए नीली रावी के पालन पर भी जोर देना चाहिए.   

ये भी पढ़ें: 

Milk Production: गाय-भैंस के बच्चा देने के बाद इन 5 कारणों से कम हो सकता है दूध उत्पादन

EL-Nino: डेयरी-पशुपालन पर बढ़ा अल नीनो का खतरा, कम हो सकता है दूध उत्पादन!

POST A COMMENT