Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, बाहर ले जाने की जरूरत नहीं 

Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, बाहर ले जाने की जरूरत नहीं 

Animal Treatment Unit बरसात के दौरान पशुओं की देखभाल करना एक बड़ा काम हो जाता है. पशुओं के बाड़े को हरदम सूखा रखना. पशुओ के शरीर पर भी मक्खी-मच्छर न बैठे इसके लिए उन्हें साफ रखना होता है. जरा सी कोई बीमारी लगे तो फौरन ही दवा देना. क्योंकि मॉनसून में ही पशु ज्यादा दूध देते हैं और इस दौरान बीमार पड़े तो उसका असर दूध उत्पादन पर भी पड़ेगा.

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Animal Treatment Unit: बरसात में पशु बीमार है तो करें सिर्फ एक फोन कॉल, बाहर ले जाने की जरूरत नहीं  veterinary van (Photo- ITG)

बरसात के दौरान बहुत सारी संक्रमण वाली बीमारियां फैलती हैं. ये न सिर्फ इंसान बल्कि पशुओं को भी अपनी चपेट में ले लेती हैं. पशु भी बरसात में बहुत बीमार होते हैं. और ऐसे में पशुपालक के लिए ये बड़ी परेशानी बन जाती है कि बीमार पशु को डॉक्टर के यहां कैसे ले जाए. लेकिन अब ये परेशानी भी परेशानी नहीं रही है. केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों के पास मिलकर पशुपालकों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट संचालित की हैं. 

पशुपालक के एक फोन कॉल पर ये यूनिट पशुओं के बाड़े में आ जाती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि भारी-भरकम पशुओं को अब गाडि़यों में लादकर अस्पताल नहीं ले जाना पड़ता है. यहां तक की पशुओं के खून की जांच हो या मूत्र की, उसका भी सैम्पल लेने टेक्निसशि‍यन की टीम पशुपालक के घर तक आ जाती है. जिन इलाकों में मोबाइल यूनिट की बड़ी गाड़ी नहीं पहुंच पाती है वहां यूनिट के सदस्य बाइक से पहुंच जाते हैं.

कृत्रिम गर्भाधान कराने आ रही टीम 

अब आपकी गाय-भैंस, भेड़-बकरी, ऊंट, घोड़ा आदि छोटी-बड़ी कैसी भी बीमारी से ग्रसित क्यों न हों, लेकिन आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा. अगर आपका पशु अस्पताल जाने की हालत में नहीं है या फिर मौसम ऐसा है कि बीमार पशु को अस्पताल नहीं ले जा सकते हैं तो आपको बस एक फोन कॉल करना होगा. 1962 नंबर पर फोन करते ही टीम जल्द से जल्द आपके दरवाजे पर आ जाएगी.

टीम मोबाइल वैन से आती है तो उसे पहुंचने में भी वक्त नहीं लगता है. हालात के हिसाब से टीम बाइक भी इस्तेमाल करती है. डॉक्टरों की टीम अपने तमाम जरूरी उपकरण से लैस होगी. इतना ही नहीं आपका मवेशी गर्मी में है तो कृत्रिम गर्भाधान कराने वाली टीम भी आपके एक फोन पर आ जाती है. आपका गांव पहाड़ी इलाके में हैं, आपके गांव तक पहुंचने का रास्ता बर्फीला या पथरीला कैसा भी हो यह टीम वैन से या बाइक से आपके पास आएगी जरूर.

20 राज्यों में हैं करीब 2500 मोबाइल यूनिट 

केन्द्रीय मत्स्य , डेयरी और पशुपालन मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस वक्त देश के 20 राज्यों में मोबाइल वेटनरी यूनिट एक्टिव हैं. मंत्रालय की ओर से सभी 20 राज्यों में 2500 वेटनरी टीम को सभी तरह के उपकरणों से लैस किया गया है. मंत्रालय का कहना है कि जल्द ही देश के अन्य राज्यों में भी मोबाइल वेटनरी यूनिट की तैनाती की जाएगी.  

कश्मीर के दुर्गम इलाकों में पहुंची मोबाइल यूनिट

मोबाइल वेटनरी यूनिट टीम कश्मीर के बारामूला में भी तैनात कर दी गई है. ये वो इलाका है जहां खासतौर पर बर्फवारी के दौरान पशुओं को इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है. हाल ही में ऐसी ही मोबाइल वेटनरी यूनिट की टीम को डेयरी और पशुपालन मंत्रालय ने हरी झंडी दिखाई थी. इस टीम में वेटनरी वैन के साथ ही बाइक टीम भी शामिल है. 

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