एमपी में सीएम सहित सभी मंत्रियों को अब खुद अदा करना होगा अपना आयकर (फोटो: साभार, एमपी सरकार)27 साल से भारत विश्वस्तर पर लगातार दूध उत्पादन में नंबर वन है. विश्व के कुछ दूध उत्पादन में देश की हिस्सेदारी 25 फीसद है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक तो भारत दुनिया की डेयरी बनकर उभरेगा. देश में हर साल दूध उत्पादन में 5 से 6 फीसद की बढ़ोतरी हो रही है. बीते साल ही देश में करीब 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ है. ये तब है जब देश में सिर्फ 25-30 फीसद दूध की प्रोसेसिंग हो रही है. डेयरी से जुड़े किसानों की इनकम भी बढ़ रही है. इसी को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी अपने राज्य में डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है.
राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई बड़ी योजनाओं पर काम हो रहा है. डेयरी सेक्टर में रोजगार और तरक्की के मौकों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार लगातार कई बड़ी योजनाओं को लागू कर रही हैं. डेयरी में ज्यादा से ज्यादा निवेश हो इसके लिए सरकार कारोबारियों से बात कर रही है. इसी के चलते हाल ही में डेयरी से जुड़ा एक बड़ा कार्यक्रम इंडियन डेयरी एसोसिएिशन के साथ मिलकर किया गया था.
प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी का कहना है कि मध्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ पर है. राज्य सरकार देश के कई हिस्सों में डेयरी में मिली सफलताओं को अपने यहां दोहराने के लिए डेयरी में विकास को गति देने के लिए तैयार है. राज्य डेयरी फेडरेशन (सांची) को संभालने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और एनडीडीबी के बीच नवीनतम समझौता इस लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है.
विक्रम विश्वविद्यालय में डेयरी प्रौद्योगिकी डिग्री कार्यक्रम शुरू करने की दूसरी पहल डेयरी उद्योग के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति विकसित करने में मदद करेगी. भारतीय डेयरी संघ (पश्चिम क्षेत्र) एक शीर्ष निकाय है जो डेयरी क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों का प्रतिनिधित्व करता है.
डेयरी क्षेत्र में नवाचारों को उजागर करना और राज्य में वास्तविक डेयरी उत्पादों के लिए उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाना है. प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और पैनलिस्ट दूध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, चारा और चारा संसाधनों का अनुकूलन करने, स्मार्ट डेयरी फार्मिंग प्रथाओं को लागू करने और अत्याधुनिक उत्पादन तकनीकों को अपनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों का पता लगाया गया. चर्चा में एआई, डिजिटलीकरण, विपणन रणनीतियों, सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों और उद्योग के कार्बन पदचिह्न को कम करने पर भी बातचीत हुई.
मध्य प्रदेश में डेयरी राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो ग्रामीण आजीविका और व्यापक खाद्य उद्योग दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है. मध्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का अवलोकन दिया गया है. मध्य प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में भारत में तीसरे स्थान पर है. राष्ट्रीय उत्पादन में लगभग नौ फीसद का योगदान देता है. 2019 पशुधन गणना के अनुसार मध्य प्रदेश में पशुधन की पर्याप्त आबादी है. मवेशियों की बात करें तो देश में (187.5 लाख) में तीसरे स्थान पर और भैंसों (103.5 लाख) में चौथे स्थान पर है.
Meat Production: पश्चिम बंगाल नहीं, UP को दिया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट
PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today