Benefits of Azolla: एक्सपर्ट के हिसाब से खि‍लाया अजोला तो बढ़ जाएगा दूध-अंडे का उत्पादन  

Benefits of Azolla: एक्सपर्ट के हिसाब से खि‍लाया अजोला तो बढ़ जाएगा दूध-अंडे का उत्पादन  

Benefits of Azolla चारा अजोला की खेती बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. क्यों‍कि कम होती जमीन के चलते लाइव स्टॉक सेक्टर में हरे और सूखे चारे की लगातार कमी हो रही है. बाजार में महंगा भी होता जा रहा है. ऐसे में छोटे-बड़े सभी पशुओं के लिए गुणवत्ता वाले चारे की जरूरत है. जबकि अजोला उत्पादन का तरीका अलग है. इसके लिए कोई बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं है.  

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Benefits of Azolla: एक्सपर्ट के हिसाब से खि‍लाया अजोला तो बढ़ जाएगा दूध-अंडे का उत्पादन  इस चारे को गाय, भैंस, बकरी सहित सभी पशुओं को खिला सकते हैं.

 बाजार में एनिमल प्रोडक्ट, दूध, घी, अंडा-चिकन, मीट की डिमांड बढ़ रही है. प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए भी लोग अब एनिमल प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब डिमांड बढ़ रही है तो उत्पादन भी बढ़ाना पड़ेगा. अच्छे और ज्यादा उत्पादन के लिए जरूरी है कि गाय-भैंस हो या मुर्गे-मुर्गी उन्हें अच्छे फीड और फोडर की जरूरत होती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो खुराक जितनी पौष्टि क होगी तो उत्पान भी उतना ज्यादा बढ़ेगा. इसीलिए अजोला (चारा) खूब खि‍लाया जा रहा है. लेकिन इसे खि‍लाने का भी एक तरीका है. अगर पशु-पक्षि‍यों को अजोला एक्सपर्ट के मुताबिक खि‍लाया तो ये एनिमल प्रोडक्शन बढ़ाने में बहुत मददगार साबित होगा.
 
सरकारी आंकड़ों पर जाएं तो दूध-मीट की बढ़ती डिमांड के बीच वनों और चारागाहों का क्षेत्रफल घटता जा रहा है. ऐसी फसल के उत्पादन में भी कमी आ रही है जिनका इस्तेमाल पशु आहार के रूप में होता है. इसी के चलते अब ज्यादा उपज और छोटी नस्ल वाली फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है. हरा चारा अजोला उसमे से एक है.  

ये है अजोला खि‍लाने का तरीका

  • अजोला से भरी ट्रे को एक बाल्टी के उपर रखकर पानी से अच्छे से धोना चाहिए. गोबर की गंध निकलनी चाहिए. धोने से छोटे-छोटे पौधे भी निकाल देने चाहिए. बाल्टी में जमा हुए पानी और छोटे-छोटे पौधों को दोबारा से गड्ढे में दबा देना चाहिए.
  • ताजी अजोला को पशु दाने के साथ 1:1 के अनुपात में मिलाकर पशु को खिलाना चाहिए.
  • ताजा अजोला पोल्ट्री (लेयर और ब्रॉयलर) को भी खिलाया जा सकता है. 
  • सामान्य दाने के साथ 1:1 अनुपात में मिलाकर एक सप्ताह देने से दूध उत्पादन में बढ़ोत्तरी होती है. 
  • गर्मियों में दाने के साथ मिलाने से दूध में बढ़ोतरी और पशुओं की हैल्थ में बदलाव आता है. 
  • गांव में, शहरी घर या पशुओं के बाड़े में कहीं भी अजोला का उत्पादन किया जा सकता है.
  • अजोला पशुओं के साथ-साथ मुर्गियों के लिए भी उत्तम आहार है.

जानें क्यों खास है अजोला

हरा चारा अजोला पानी की सतह पर होता है. जरूरी नहीं कि अजोला तालाब में हो, पानी की टंकी में भी इसका उत्पादन किया जा सकता है. चारा एक्सपर्ट की मानें तो अजोला में बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा प्रोटीन, जरूरी एमिनो अम्ल, विटामिन (विटामिन ए, विटामिन बी 12 और बीटा केरोटिन), बढ़वार के लिए जरूरी कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटाश, लोहा, तांबा, मैग्निशियम भी बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं. अजोला में 25-30 फीसद प्रोटीन, 10-15 फीसद खनिज, 7-10 फीसद एमिनो अम्ल, जैव सक्रिय पदार्थ और जैव पोलिमर्स आदि पाये जाते हैं. अजोला में कार्बोहाइड्रेट और नमी की मात्रा बहुत कम होती है. इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा और लिग्निन की मात्रा कम होती है. 

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