Green Fodder: यूपी में बढ़ाई जा रही है हरे चारे की पैदावार, पूरे साल ऐसे करें इस्तेमाल 

Green Fodder: यूपी में बढ़ाई जा रही है हरे चारे की पैदावार, पूरे साल ऐसे करें इस्तेमाल 

Green Fodder and Silage हरे चारे की फसल का अगर पूरे साल इस्तेमाल करना है तो जरूरी है कि साइलेज बनाना आना चाहिए. क्योंकि हर फसल में इतना हरा चारा होता है कि पशु उसे लगातार नहीं खा सकते हैं. लेकिन साइलेज बनाकर उसे पूरे साल खि‍लाया जा सकता है. 

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Green Fodder: यूपी में बढ़ाई जा रही है हरे चारे की पैदावार, पूरे साल ऐसे करें इस्तेमाल चारे की कमी का मिल गया समाधान

Green Fodder and Silage हाल ही में यूपी सरकार ने हरे चारे के संबंध में एक आंकड़ा जारी किया है. छुट्टा घूमने वाले पशुओं को हरे चारे की कमी न हो, इसके लिए शत-प्रति‍शत गोचर और चारागाह की जमीन को इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 61 हजार हेक्टेयर से ज्यादा गोचर और चारागाह की जमीन है. कुछ दिन पहले ही सात हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है. सरकार की योजना है कि आने वाले दो साल में करीब 35 हजार हेक्टेयर जमीन पर हरे चारे की फसल लगाई जाएगी. 

अच्छी बात ये है कि पशुपालक और गौशाला संचालक इसका फायदा उठाकर पशुओं के लिए पूरे साल के हरे चारे का इंतजाम कर सकते हैं. क्योंकि एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक जब चारे की कटाई होती है तो पशुओं को लगातार सिर्फ हरा चारा ही नहीं खि‍लाया जा सकता है. ज्यादा हरा चारा देने से पशुओं ही सेहत पर खराब असर पड़ता है. उन्हें पेट संबंधी बीमारियां होने लगती हैं.   

जब ज्यादा हो हरा चारा तो बनाएं साइलेज 

फोडर एक्सपर्ट का कहना है कि हरा चारा स्टोर करने और उसका साइलेज बनाने के लिए उसके पत्तों को पहले सुखा लें. लेकिन ख्याल रहे कि जिस चारे को हम साइलेज बनाने जा रहे हैं उसे पकने से कुछ दिन पहले ही काट लें. इसके बाद उसे धूप में सुखाने रख दें. लेकिन चारे को सुखाने के लिए कभी भी उसे जमीन पर डालकर न सुखाएं. चारा सुखाने के लिए जमीन से कुछ ऊंचाई पर जाली वगैरह रखकर उसके ऊपर चारे को डाल दें. 

इसे लटका कर भी सुखाया जा सकता है. क्योंकि जमीन पर डालने से चारे पर मिट्टी लगने का खतरा रहेगा जो फंगस आदि की वजह बन सकती है. जब चारे में 15 से 18 फीसद के आसपास नमी रह जाए तो उसे सूखी जगह पर रख दें. इस बात का ख्याल रहे कि अगर चारे में नमी ज्यादा रह गई तो उसमे फंगस आदि लग जाएंगे और चारा खराब हो जाएगा. इतना ही नहीं इस खराब चारे को गलती से भी पशु ने खा लिया तो वो बीमार हो जाएगा. 

बहुवर्षीय घास हो तो घर पर बनाएं हे 

फोडर एक्सपर्ट के मुताबिक घर पर ही चारे से हे भी बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है. लेकिन जरूरत है बस थोड़ी सी जागरुकता की. जैसे पतले तने वाले चारे की फसल को पकने से पहले ही काट लें. उसके बाद तले के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें. उन्हें  तब तक सुखाएं जब तक उनमे 15 से 18 फीसद तक नमी ना रह जाए. हे के लिए हमेशा पतले तने वाली फसल का चुनाव करें. क्योंकि पतले तने वाली फसल जल्दी सूखेगी. कई बार ज्यादा लम्बे वक्त तक सुखाने के चलते भी चारे में फंगस की शिकायत आने लगती है. यानि चारे का तना टूटने लगे इसके बाद इन्हेंय अच्छी तरह से पैक करके इस तरह से रख दें कि चारे को बाहर की हवा न लगे.

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