Buffalo Pregnancy: भैंस हीट में नहीं आ रही है तो ना हों परेशान, ये उपाय किए तो हर साल देगी बच्चा

Buffalo Pregnancy: भैंस हीट में नहीं आ रही है तो ना हों परेशान, ये उपाय किए तो हर साल देगी बच्चा

Buffalo Pregnancy भैंस का वक्त से हीट में आना पशुपालक के लिए बहुत जरूरी होता है. अगर भैंस दो से ढाई साल की होने के बाद हीट में ना आए तो फौरन ही उसका इलाज शुरू करा दें. बांझपन एक बड़ी परेशानी है, लेकिन अगर पशुपालक थोड़ा सा अलर्ट हो जाए तो गाय-भैंस के बांझपन को दूर किया जा सकता है और दूध उत्पादन को भी बढ़ाया जा सकता है. 

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Buffalo Pregnancy: भैंस हीट में नहीं आ रही है तो ना हों परेशान, ये उपाय किए तो हर साल देगी बच्चा

भैंस जैसे ही दो से ढाई साल की होती है तो उसके हीट में आने का इंतजार किया जाता है. और जब इस उम्र की भैंस हीट में नहीं आती है तो पशुपालक की परेशानी बढ़ जाती है. क्योंकि पशुपालक चार भैंस वाला हो या 20 भैंस वाला, हर कोई ये चाहता है कि उसके पशु वक्त से हीट में आ जाएं और बच्चा दे दें. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो जब तक भैंस हीट में नहीं आएगी तो वो गाभिन नहीं होगी. और गाभिन नहीं होगी तो बच्चा नहीं देगी. और भैंस का दूध देना उसके बच्चा देने पर ही निर्भर करता है. और हीट में आने के लिए वक्त लेने वाली भैंस पशुपालकों की लागत को बढ़ाती हैं. ऐसी भैंस पशुपालक के मुनाफे को कम कर देती हैं. 

क्योंकि दो साल की उम्र वाली भैंस भी उतना ही खाती है जितना दूध देने वाली भैंस. गौरतलब रहे देशभर के करीब 30 फीसद दुधारू पशुओं में बाझंपन की परेशानी है. लेकिन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हुए बांझपन की बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (गडवासु), लुधियाना में लगातार इस पर काम चल रहा है कि कैसे बांझपन के इलाज को सस्ता बनाया जाए. 

वक्त से इलाज कराना है सबसे बड़ी दवा  

गडवासु का सेंटर ऑफ एडवांस फैकल्टी ट्रेनिंग (सीएएफटी) लगातार एडवांस्ड इनसाइट्स ऑन थेरियोजेनोलॉजी टू अमेलियोरेट रिप्रोडक्टिव हेल्थ ऑफ डोमेस्टिक एनिमल्स" जैसे विषय पर काम कर रहा है. एक्सपर्ट इस बारे में पशुपालकों को ये जानकारी देते हैं कि अगर वो चाहते हैं कि उनके पशुओं में बांझपन की समस्या न हो तो उन्हें सबसे पहला काम यह करना है कि वो बांझपन का इलाज कराने में देरी न करें. क्योंकि बांझपन जितना पुराना होगा तो उसके इलाज में उतनी ही परेशानी आएगी. 

इसलिए सही समय पर पशुओं की जांच कराएं. अगर भैंस दो से ढाई साल में हीट पर नहीं आती है तो ज्यादा से ज्यादा दो से तीन महीने ही इंतजार करें, अगर फिर भी हीट में नहीं आती है तो फौरन अपने पशु की जांच कराएं. इसी तरह से गाय के साथ है. अगर गाय डेढ़ साल में हीट पर न आए तो उसे भी दो-तीन महीने इंजार के बाद डॉक्टर से सलाह लें. 

पहला बच्चा होने पर जरूर करें ये काम

एक्सपर्ट बताते हैं कि एक बार बच्चा देने के बाद भी बांझपन की शिकायत आती है. इसलिए अगर गाय-भैंस एक बार बच्चा देती है तो दोबारा उसे गाभिन कराने में देरी न करें. आमतौर पर पहली ब्यात के बाद दो महीने का अंतर रखा जाता है. लेकिन इस अंतर को ज्यादा ना रखें. अंतर जितना ज्यादा रखा जाएगा बांझपन की परेशानी बढ़ने की संभावना उतनी ही ज्यादा हो सकती है.  

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