चिराग पासवानकेंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों से कहा कि वे क्वालिटी से जुड़े नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करते, वे न सिर्फ बाजार में अपनी पकड़ कमजोर करते हैं, बल्कि ईमानदार कारोबारियों को नुकसान पहुंचाते हैं और धोखाधड़ी करने वालों को आगे बढ़ाने का मौका देते हैं. यह बात उन्होंने भारतीय डेयरी संघ (उत्तरी क्षेत्र) द्वारा आयोजित 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में कही. चिराग पासवान ने कहा कि अगर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी है, तो डेयरी उद्योग को क्वालिटी, पारदर्शिता और नियमों के पालन को सबसे ऊपर रखना होगा.
चिराग पासवान ने कहा कि भारत में यह क्षमता है कि वह दुनिया का बड़ा डेयरी हब बन सकता है. अगर डेयरी क्षेत्र को बेहतर तरीके से संगठित किया जाए और सही बाजार व्यवस्था बनाई जाए, तो भारत दुनिया में डेयरी उत्पादों की कमी को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरूरी है कि भारत के डेयरी उत्पादों की क्वालिटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्तर तक बढ़ाया जाए. इसके लिए देश के सभी डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों को मिलकर काम करना होगा, ताकि भारतीय डेयरी उत्पाद दुनिया के बाजार में पहचान बना सकें.
पासवान ने कहा कि भारतीय डेयरी उत्पादों को सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना ही नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें दुनिया के बाजारों और घरों तक मजबूत पहचान भी बनानी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस काम में सरकार पूरा समर्थन देगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी तरफ से नीतियां बनाती है, जैसे जीएसटी से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना और केंद्रीय योजनाओं के जरिए डेयरी प्रसंस्करण को बढ़ावा देना, लेकिन इन नीतियों को जमीन पर लागू करना और ये तय करना कि क्वालिटी वाले डेयरी उत्पाद देश और विदेश दोनों के उपभोक्ताओं तक पहुंचे, यह जिम्मेदारी उद्योग जगत की है. सरल शब्दों में कहें तो सरकार रास्ता बनाती है, और उस रास्ते पर सही तरीके से चलकर देश और दुनिया तक अच्छे उत्पाद पहुंचाना उद्योग की जिम्मेदारी है.
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री, एसपी सिंह बघेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में दूध उत्पादन 69.41 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 247.87 मिलियन टन तक पहुंच गया है, उन्होंने कहा, कि हमारे डेयरी किसान सुरक्षित हैं. चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने आगे साफ़ किया कि ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGS) जैसे जानवरों के चारे का इंपोर्ट सीमित है और इससे भारतीय किसानों या दूध उत्पादकों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है.
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