
Tips For Animal Transportation गाय-भैंस की सबसे ज्यादा खरीद-फरोख्त पंजाब-हरियाणा से होती है. पंजाब-हरियाणा से सिर्फ यूपी-राजस्थान ही नहीं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक-तमिलनाडू तक गाय-भैंस जाती हैं. और इन्हें ले जाने का जरिया होता है सड़क मार्ग. एक-दो गाय-भैंस होती हैं तो छोटी गाड़ी से ले जाई जाती हैं और अगर ज्यादा हुईं तो बड़े ट्रक का इस्तेमाल किया जाता है. और खास बात ये है कि पशुओं की ये लंबी यात्रा ट्रक में खड़े-खड़े ही होती है. जिसके चलते पांच-छह घंटे में ही पशु तनाव में आ जाता है. ऐसा होने पर पशु बीमार पड़ जाता है.
बीमार होने पर उसका दूध उत्पादन भी घट जाता है. इसलिए पशुओं को खरीदने के बाद लम्बी दूरी की यात्रा कराने से पहले एनिमल एक्सपर्ट के बताए टिप्स का पालन किया तो पशु बिना किसी तनाव और बीमारी के मंजिल तक पहुंच जाएगा. ये टिप्स खासतौर पर पशु की यात्रा के दौरान और डेयरी फार्म पर पहुंचने से जुड़े होते हैं.
पशुओं की लंबी यात्रा के दौरान भी कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. जिस वाहन से पशु को यात्रा कराई जा रही है उसमे पशु के खड़े होने और उसके हिलने-ढुलने के लिए पूरी जगह होनी चाहिए. यात्रा ज्यादा लंबी हो तो बीच में पशु को ब्रेक देना चाहिए.
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