Dairy Biosecurity: FSSAI के 15 नियमों का पालन किया तो पशु नहीं होंगे बीमार और दूध भी रहेगा हेल्दी Dairy Biosecurity: FSSAI के 15 नियमों का पालन किया तो पशु नहीं होंगे बीमार और दूध भी रहेगा हेल्दी
Dairy Biosecurity पशुओं की सेहत और दूध की शुद्धता को बनाए रखने के लिए गौशाला में कचरे का निपटारा करना हुत जरूरी होता है. सफाई होने से कूड़ा-करकट बीमारी की वजह भी नहीं बनता है. इतना ही नहीं फार्म से निकलने वाले गोबर को एक अच्छी खाद के रूप में चारे और दूसरे फसलों के लिए स्टोर किया जा सकता है. वहीं गोबर की खाद से किसान बायो गैस के रूप में एक्सट्रा कमाई भी कर सकते हैं.
डेयरी से अधिक कमाई की टिप्सनासिर हुसैन - New Delhi,
- Jan 20, 2026,
- Updated Jan 20, 2026, 11:41 AM IST
दूध की शुद्धता बनाए रखने और और पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है कि डेयरी फार्म पर साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाए और बायो सिक्योरिटी का पालन किया जाए. इसी को देखते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी कुछ नियम जारी किए हैं. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी फार्म में रोजाना की साफ-सफाई का बहुत महत्व है. सफाई रहने से जहां पशुओं को बीमारी का खतरा नहीं रहता है. इतना ही नहीं नियमों का पालन करने से FSSAI के जुर्माने और कार्रवाई का डर भी नहीं रहता है.
अगर नियमों के साथ ही अगर बायो सिक्योरिटी के तहत सफाई के मानक अपनाए जाते हैं तो इंसानों और पशुओं को होने वालीं छोट-बड़ी बीमारियां भी नहीं होती हैं. डेयरी और एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी फार्म और पशु शेड में रोजाना कचरे को साफ करना पशुपालन की अच्छी आदतों में माना जाता है. इस तरह की सफाई लिए FSSAI ने कुछ सुझाव तैयार किए हैं. इन्हें अपनाकर डेयरी फार्म और पशु शेड में हर वक्त साफ-सफाई रखी जा सकती है.
डेयरी फार्म की सफाई के ये हैं नियम
- डेयरी फार्म में सफाई के लिए हौज पाइप का इस्तेमाल करें.
- हौज पाइप की मदद से गोबर और दूसरे कचरे को एक साथ पानी से बहा देना चाहिए.
- ठोस वेस्ट को फावड़ों से इकट्ठा करके ठेला गाड़ी में उठाकर पशुशाला से ले जाएं.
- बड़ी पशुशालाओं में इसके लिए बैलगाड़ी या ट्रैक्टर ट्रॉली इस्तेमाल की जा सकता है.
- तरल खाद और पशुशाला की धोवन को नाली द्वारा खुले और बंद इलाकों के जंक्शन तक ले जाना चाहिए. वहां इसका निपटारा करना चाहिए.
- नाली को “यू” आकार का बनवाना चाहिए, उसकी गहराई 6-8 सेमी, चौड़ाई 30-40 सेमी तक होनी चाहिए.
- डेयरी फार्म और पशुपालन शेड की नालियों में उपयुक्त ढलान रखा जाना चाहिए.
- बड़े पशु शेड में सभी नालियों को एक में जोड़कर रखना चाहिए.
- पशुशाला के बाहर हर शेड से निकलने वाली तरल खाद को नालियों खासकर बंद या सतही नाली को मुख्य फार्म वाली नाली से जोड़ देना चाहिए.
- नाली इस तरल खाद को एक इंस्पेक्शन कक्ष तथा सैटिंग चेम्बर के जरिए से एक तरल खाद स्टोरेज टैंक में ले जाती है.
- पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो तो प्रेशर द्वारा फर्श को धोकर तरल और ठोस खाद को एक खुली जगह में ले जाना चाहिए.
- पशुशाला में पर्याप्त चौड़ाई वाली नालियों के नेटवर्क का निर्माण एक अनिवार्य जरूरत है.
- इस मिश्रित धोवन पानी को चारा घास के खेतों में सीधे ले जाया जा सकता है या इसे बॉयोगैस संयंत्रों में स्लरी के तौर पर उपयोग किया जा सकता है.
- ठोस खाद को अलग से इकट्ठा कर खाद के गड्ढे में अच्छे तरीके से स्टोर किया जाना चाहिए.
- इस तरह से खाद सही तरह डीकंपोज हो जाएगी और किसी मक्खियों का संक्रमण भी नहीं होगा.
ये भी पढ़ें- Egg Rate: बाजार में पहली बार 8 से 12 रुपये तक का बिक रहा अंडा, ये है बड़ी वजह
ये भी पढ़ें- Egg Testing: अंडा खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे जांचें अंडे की क्वालिटी