Animal Treatment: बच्चा देने के बाद गाय-भैंस जेर या यूरिया खा ले तो ऐसे करें इलाज, न दें बासी खाना

Animal Treatment: बच्चा देने के बाद गाय-भैंस जेर या यूरिया खा ले तो ऐसे करें इलाज, न दें बासी खाना

Animal Treatment एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार हम पशुओं को कुछ ऐसी चीजे ज्यादा खि‍ला देते हैं जो उनके पेट को खराब कर देती हैं. कई बार पशु खुद भी कुछ ऐसी चीजें खा लेते हैं जो उनके पेट को खराब कर देती हैं. पशुओं के पेट खराब होने का ये भी एक बड़ा कारण हैं. हालांकि घर पर ही इसका इलाज संभाव है.

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Animal Treatment: बच्चा देने के बाद गाय-भैंस जेर या यूरिया खा ले तो ऐसे करें इलाज, न दें बासी खानाकानपुर में गाय-बछड़ों को पहनाए गए कोट. (Photo: Screengrab)

खाना बच गया है. बासी खाना है तो पशुओं को खि‍ला दो, पशुओं को तो सब हजम हो जाता है. गाय-भैंस और भेड़-बकरियों के मामले में बहुत सारे लोगों की ऐसी ही सोच होती है. इस तरह की सोच पशुओं को बीमार कर सकती है. अक्सर बासी और जरूरत से ज्यादा बचा हुआ खाना खि‍लाने से पशु बीमार हो जाते हैं. कभी-कभी तो पशु खुद भी बच्चा देने के बाद अपनी जेर खा लेते हैं. जाने-अनजाने यूरिया खा जाते हैं. इसके चलते भी पशुओं को पेट संबंधी बीमारियां हो जाती हैं. सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है कार्बोहाइड्रेट. पशु के शरीर में अगर इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो उसे एसिडिटी हो जाती है.  

पशु को जब कार्बोहाइड्रेट वाला खाना जैसे चावल-गेहूं, बाजरा, आलू ज्यादा मात्रा में खाने को दे दिए जाते हैं तो एसिडिटी होना तय है. रसोईघर का बचा हुआ बासी खाना खाने पर भी ये परेशानी हो जाती है. पशु को अगर ये परेशानी हो जाए तो इसके लक्षण बहुत ही साफ होते हैं. जैसे पशु की भूख कम हो जाती है, आफरा आता है, पेट में पानी भर जाता है, निर्जलीकरण अर्थात पानी की कमी हो जाती है और शरीर का तापमान कम हो जाता है, कब्ज-दस्त हो सकते हैं, पशु दांत भी किटकिटाने लगता है. 

एसिडिटी होने पर ऐसे करें इलाज 

12 से 24 घंटे तक पानी नहीं पीने देना चाहिए.
सोडियम बाई कार्बोनेट पाउडर 150 से 200 ग्राम मुंह से देना चाहिए.
पशु को आफरा है तो तारपीन का तेल 50 से 60 एम एल दे सकते हैं.

जेर या यूरिया खाने पर इलाज का तरीका 

कई बार पशु किसी भी वजह से यूरिया या जेर खा लेता है. इसे खाने के बाद पशु को क्षारीय अपच की शि‍कायत होने लगती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो प्रोटीन वाला चारा ज्यादा खा लेने की वजह से भी पशु को इस तरह की परेशानी हो सकती है. 

लार वाली अपच के ये हैं लक्षण 

पशु को भूख नहीं लगना, मुंह से लार गिरना, पेट दर्द होना, चक्कर में दौरे आना, अत्यधिक उत्तेजित हो जाना आफरा आना, मुंह से अमोनिया जैसी बदबू आना.

लार वाली अपच का ऐसे होगा इलाज 

क्षारीय वातावरण हल्का अम्लीय करना है इसके लिए एसिटिक अम्ल अर्थात सिरका मुंह से देना चाहिए.
पशु को मुंह से गुड़ अथवा ग्लूकोज भी दिया जा सकता है. 
इस परेशानी में पशु को नींबू का रस भी दिया जा सकता है.

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