Goat Care in Monsoon: बरसात में कम हो जाती है भेड़-बकरियों की ग्रोथ, एक्सपर्ट ने बताई वजह

Goat Care in Monsoon: बरसात में कम हो जाती है भेड़-बकरियों की ग्रोथ, एक्सपर्ट ने बताई वजह

Goat Care in Monsoon भेड़-बकरियों का उत्पादन बढ़ने में पीने का पानी का भी अहम रोल होता है. भेड़-बकरियों को जिस तरह से ताजा और पौष्टि्क हरे चारे की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह से भेड़-बकरियों के लिए ताजा और साफ-स्वच्छ पानी भी चाहिए होता है. साथ ही पानी पिलाने वाले बर्तन और पिलाने के दौरान की साफ-सफाई का भी बहुत महत्व होता है. 

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Goat Care in Monsoon: बरसात में कम हो जाती है भेड़-बकरियों की ग्रोथ, एक्सपर्ट ने बताई वजहभेड़-बकरियों में तेजी से फैलती है पीपीआर और शीप पॉक्स बीमारी.

अक्सर देखा जाता है कि बरसात के दिनों में भेड़-बकरियों की ग्रोथ कम हो जाती है. जितना चाहें खि‍ला लो, लेकिन उनका वजन खुराक के मुकाबले नहीं बढ़ता है. खासतौर से बकरों को मीट के लिए पालने वाले इन दिनों बड़े परेशान रहते हैं. क्योंकि अभी भी बकरे-बकरियां दूध से ज्यादा मीट के लिए पाले जा रहे हैं. और मीट से जुड़े बकरों का कारोबार वजन के हिसाब से चलता है. यही वजह है कि हर एक बकरी पालक की यही कोशि‍श होती है कि उसके बकरे-बकरियों का वजन तेजी से बढ़े. 

लेकिन, अगर भेड़-बकरियों को पिलाया जाने वाला पानी अगर साफ नहीं है तो बकरियों के बीमार पड़ने और उनकी ग्रोथ रुकने में देर नहीं लगती है. खासतौर पर बरसात के दिनों में अगर साफ-सफाई के साथ पानी नहीं पिलाया जा रहा है, पानी में टीडीएस कंट्रोल नहीं किया जा रहा है तो फिर भेड़-बकरियों का बीमार होना तय है, और बीमार होने के चलते उनकी ग्रोथ भी ज्यादा नहीं होती है.  

पानी पर क्या कहता है पशुपालन मंत्रालय 

पशुपालन और डेयरी मंत्रालय पशुपालकों को जागरुक करता है. इसके लिए कई तरह के अभि‍यान भी चलाए जाते हैं. मंत्रालय के मुताबिक पशुओं के पीने का पानी ताजा हो. जैसे सुबह उस बर्तन या जगह से पानी को खाली कर दें जहां पशु पानी पीता है. पानी खाली करने के बाद उस बर्तन और जगह की अच्छी तरह से सफाई कर दें. अगर पानी की उस जगह पर अल्गी और गंदगी लगी है तो उसे अच्छी तरह से साफ कर दें. जब ये लगे कि सफाई अच्छी तरह से हो गई है तो उसमे ताजा पानी भर दें. अगर सर्दियों का मौसम है तो एकदम ठंडा यानि खुले में रखा रात का पानी बिल्कुल भी न पिलाएं. नलकूप का निकला ताजा पानी ही पशुओं को पिलाएं. 

शरीर में पानी कम हो तो दिखते हैं ये लक्षण 

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है.

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