Bull Diet: खेती के काम में जुटे बैल की खुराक में क्या हो शामिल और कितना दें खाने को

Bull Diet: खेती के काम में जुटे बैल की खुराक में क्या हो शामिल और कितना दें खाने को

सेंट्रल बफैलो रिसर्च इंस्टीयट्यूट (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा के मुताबिक ब्रीडर के अलावा दूसरे काम करने वाले बुल की खुराक काम करने के घंटे, काम की स्पीड और उठाए गए वजन के हिसाब से तैयार की जाती है.

Advertisement
Bull Diet: खेती के काम में जुटे बैल की खुराक में क्या हो शामिल और कितना दें खाने कोक्या है भैंस की इस नस्ल का नाम

जरूरी नहीं कि बुल से उम्रभर ब्रीडर का ही काम लिया जाए. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो एक खास उम्र तक आते-आते ब्रीडर बुल के वीर्य की गुणवत्तास भी कमजोर पड़ने लगती है. कुछ ऐसे भी बुल होते हैं जिनमे शुरू से ही ब्रीडर बनने की क्वालिटी नहीं होती है. इसकी कई वजह हो सकती है. ऐसे बुल को खेती-किसानी और उससे जुड़े ट्रांसपोर्ट के काम में ले लिया जाता है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इस तरह का काम करने वाले और नॉन ब्रीडर बुल की खुराक का ध्यान ही ना रखा जाए. 

क्योंकि मेहनत करने के बाद अच्छा खाने को तो इन्हेंर भी चाहिए ही. इसी को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल बफैलो रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा ने ब्रीडर के अलावा दूसरे काम में लगे भैंस बुल के लिए दो तरह की खुराक का चार्ट तैयार किया है. ऐसे काम करने वाले बुल को दो भागों में बांटा गया है. हल्का काम और भारी काम की दो कैटेगिरी बनाई गई हैं. 

ये भी पढ़ें: गाय-भैंस को हार्डवेयर रोगों से बचाने के लिए पेट में रखी जाती है चुम्बक, पढ़ें डिटेल 

हल्का काम (4 घंटे) करने वाले बुल की खुराक

सीआईआरबी के मुताबिक दिन में चार घंटे काम करने वाले बुल के लिए इसे हल्काै काम कहा जाता है. इसके लिए खासतौर पर

खुराक का चार्ट बनाया गया है. लेकिन बुल का वजन 550 किलो होना चाहिए.  

चार किलो केंद्रित मिश्रण (Concentrated mixtures) के साथ सात किलो भूसा दिया जाना चाहिए.

1.5 किलोग्राम केंद्रित मिश्रण के साथ 35 किलो अनाज का चारा भी खिलाया जा सकता है. 

20 किलो बरसीम के साथ आठ किलो भूसा, आधा किलो बिना तेल वाली सोयाबीन की खल दे सकते हैं.  

दो किलो मिनरल मिक्चार, 10 किलो बरसीम, आठ किलो भूसा, 400 ग्राम खल दे सकते हैं. 

अगर बुल का वजन 550 किलो है तो हर 50 किलो वजन की बढ़ोतरी होने पर 650 ग्राम भूसा, 180 ग्राम मूंगफली या सोयाबीन की तेल रहित खल दे सकते हैं.  

चार किलो बरसीम या 2.5 किलो अनाज का चारा, 100 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल भी दी जा सकती है. 

भारी काम (8 घंटे) काम करने वाले बुल के लिए 

अगर कोई बुल दिनभर में आठ घंटे काम करता है तो उसे भारी काम करने की कैटेगिरी में रखा जाता है. अगर ऐसे बुल का वजन 550 किलो है तो उसे इस प्रकार से खुराक दी जाएगी. 

पांच किलो केंद्रित मिश्रण के साथ आठ किलो भूसा दे सकते हैं. 

तीन किलो केंद्रित मिश्रण के साथ 40 किलो अनाज का चारा दे सकते हैं. 

40 किलो बरसीम के साथ सात किलो भूसा भी खिला सकते हैं. 

तीन किलो सांद्र मिश्रण, 14 किलो बरसीम और किलो भूसा भी खिलाया जा सकता है. 

ये भी पढ़ें: Animal Vaccination: देश के 150 शहरों में पशुओं पर अटैक कर सकती है पीपीआर-खुरपका-मुंहपका बीमारी

अगर बुल का वजन 550 किलो है तो हर 50 किलो वजन की बढ़ोतरी होने पर एक किलो भूसा, 180 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल दी जा सकती है. चार किलो बरसीम और 350 ग्राम भूसा दे सकते हैं. चार किलो अनाज का चारा, 50 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल भी खिलाई जा सकती है. 

 

POST A COMMENT