आवारा पशुओं को लेकर बड़ा फैसलाबिहार कैबिनेट ने आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम, 2023 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया. सरकार का कहना है कि इन नियमों को लागू करने से राज्य में आवारा जानवरों की संख्या को वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे बिहार में आवारा जानवरों की पहचान, रजिस्ट्रेशन, नसबंदी और टीकाकरण एक तय मानक के अनुसार किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलने और कुछ बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकेगा. सरकार ने इसे पशु कल्याण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बताया है.
कैबिनेट ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य में दो बछिया पालन केंद्र (Heifer Rearing Centres) खोलने को भी मंजूरी दी है. इनमें से एक केंद्र बक्सर के डुमरांव और दूसरा मुंगेर में बनाया जाएगा. प्रस्ताव के अनुसार, दोनों केंद्रों में 500-500 बछियों का पालन-पोषण किया जाएगा. इन केंद्रों में आधुनिक ब्रीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे अच्छी नस्ल के डेयरी पशुओं की संख्या बढ़ेगी और राज्य में नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी. इससे आने वाले समय में दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में इजाफा करने में भी मदद मिल सकती है.
बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि भी बढ़ाने को मंजूरी दी है. अब यह योजना 2026-27 के बजाय 2030-31 तक जारी रहेगी. इस योजना के तहत राज्य के शहरी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा. इसमें ड्रेनेज सिस्टम, सड़क निर्माण और मरम्मत, पार्किंग, फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके साथ ही झुग्गी-बस्तियों के विकास, पार्क, घाट और जलाशयों से जुड़े काम भी किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विकास की रफ्तार बढ़ाना है. (PTI)
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