Artificial Insemination: अगर आपके भी हैं गाय-भैंस के कृत्रिम गर्भाधान से जुड़े सवाल तो पढ़ें जवाब

Artificial Insemination: अगर आपके भी हैं गाय-भैंस के कृत्रिम गर्भाधान से जुड़े सवाल तो पढ़ें जवाब

Artificial Insemination कृत्रिम गर्भाधान (एआई) का इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का जान लेना बहुत जरूरी है. खासतौर से उन पशुपालकों के लिए जो पहली बार अपनी गाय या भैंस को एआई से गाभि‍न कराने जा रहे हैं. अब देशभर के सभी सरकारी पशु चिकित्सा केन्द्र और पशु मैत्री सूचना मिलने पर पशुओं का एआई गर्भाधान करा रहे हैं.

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Artificial Insemination: अगर आपके भी हैं गाय-भैंस के कृत्रिम गर्भाधान से जुड़े सवाल तो पढ़ें जवाबसेक्स सॉर्टेड सीमेन

पशुओं की नस्ल में सुधार कर उत्पादन बढ़ाने की योजना चल रही है. केन्द्र सरकार की इस योजना के तहत कई काम किए जा रहे हैं. इसी में से एक है कृत्रिम गर्भाधान (एआई). पशुओं की नस्ल सुधार और दूध बढ़ाने में इसे एक बड़ी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो एआई से गाभि‍न कराने पर गायों को किसी प्रकार की बीमारियां नहीं होती हैं. प्राकृतिक रूप से गाभि‍न कराने के मुकाबले एआई सस्ती पड़ती है. एआई कराने के पशुपालकों को बहुत फायदे हैं. 

यही वजह है कि एआई से पशुओं को गाभि‍न कराने वालों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन इसके साथ ही ये भी बहुत जरूरी है कि जो पशुपालक पहली बार एआई से पशुओं को गाभि‍न कराने जा रहे हैं वो पहले एआई से जुड़ी कुछ बातें जरूर जान लें. खास बात ये है कि एक बुल अपने जीवन चक्र में प्राकृतिक रूप से 200 गायों को गाभि‍न करता है. लेकिन जब उसी बुल के वीर्य का इस्तेमाल एआई की मदद से किया जाता है तो उससे कम से कम 20 हजार गाय गाभि‍न होती हैं. 

एआई से जुड़े सवाल और एक्सपर्ट के जवाब  

कृत्रिम गर्भाधान के क्या फायदे हैं?

कृत्रिम गर्भाधान से गर्भाशय की बीमारियों और हानिकारक अप्रभावी एलील्स का खतरा बहुत कम हो जाता है. इसके अलावा एआई किफायती है. एक उच्च वंशावली सांड का इस्तेमाल उसकी मौत के बाद भी किया जा सकता है अगर उसके जमे हुए वीर्य की खुराक को संग्रहीत कर लिया जाए.

एआई प्राकृतिक गर्भाधान से कैसे अलग है?

प्राकृतिक सेवा में गाय को प्रजनन के लिए सांड़ के पास ले जाया जाता है, जबकि कृत्रिम गर्भाधान में प्रशिक्षित एआई तकनीशियन द्वारा किसी मान्यता प्राप्त वीर्य केंद्र पर रखे गए सांड के हिमिकृत वीर्य डोज से गाय का गर्भाधान किया जाता है.

क्या एआई बांझपन-रिपीट ब्रीडिंग का उपचार है?

एआई बांझपन या रिपीट ब्रीडिंग का एक उपचार नहीं है. यह रोग मुक्त आनुवंशिक रूप से श्रेष्ठ वंशावली वाले सांड के वीर्य से पशु को गर्भित करने की एक कृत्रिम विधि है. यह प्राकृतिक सेवा के माध्यम से होने वाले रोगों की रोकथाम करने में मदद करता है. यदि कोई पशु बांझपन के कारण प्राकृतिक सेवा के माध्यम से गर्भित नहीं हो पा रहा है, तो वह कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से भी गर्भित नहीं हो पाएगा .

एआई की सफलता दर क्या है?

40 फीसद और उससे अधिक एआई की सफलता दर आदर्श मानी जाती है.

क्या एआई भैंसों में सफल है?

भैंसों में एआई गायों की तरह ही सफल है. इसमें केवल यह समस्या आती है कि वे अक्सर गर्मी में आने के लक्षण गर्मी के दौरान बहुत खुलकर नहीं दिखाती हैं. 

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