NOHM: Bird Flu और Lumpy जैसी बीमारियों को फैलने से ऐसे रोकेंगे एक्सपर्ट NOHM: Bird Flu और Lumpy जैसी बीमारियों को फैलने से ऐसे रोकेंगे एक्सपर्ट
NOHM पशुओं से इंसानों में होने वाली जूनोटिक बीमारियों पर काबू पाने के लिए नेशनल वन हैल्थ मिशन (NOHM) शुरू किया गया है. केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (डीएएचडी) देश में इस मिशन को चला रहा है. और तमाम बीमारियों के साथ ही ये बर्ड फ्लू और लंपी जैसी बीमारी को भी कंट्रोल करेगा.
यूपी की गौशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी. (Photo: Representational)नासिर हुसैन - New Delhi,
- Apr 07, 2026,
- Updated Apr 07, 2026, 3:53 PM IST
पशुओं के जरिए इंसानी जिंदगी में आने वाली बीमारियां जानलेवा बन गई हैं. आए दिन बर्ड फ्लू, लंपी, कोरोना, इबोला, जीका वायरस और इंफ्लूंजा ए-बी जैसी खतरनाक बीमारियां दस्तक देती रहती हैं. कोरोना का कहर तो हम सभी देख चुके हैं. इसी तरह से लंपी और बर्ड फ्लू इंसान तो नहीं लेकिन पशु-पक्षियों पर साल में दो-तीन बार झपट्टा मारती ही रहती हैं. लाखों की संख्या में मुर्गियां और सैंकड़ों की संख्या में गाय मर जाती हैं. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों को जूनोटिक (जूनोसिस) कहा जाता है. 70 फीसद बीमारियां ऐसी हैं जो पशु-पक्षियों से इंसानों में होती हैं.
यही वजह है कि कोरोना के बाद से जूनोटिक बीमारियों पर और ज्यादा चर्चा शुरू हो गई है. चर्चा में डर के साथ कुछ सवाल भी हैं. सवाल आम इंसान और पशुपालक दोनों से ही जुड़े हुए हैं. इसलिए ऐसा नहीं है कि जो पशुपालक है वो ही बायो सिक्योरिटी का पालन करेगा. आम इंसान के लिए भी जरूरी है कि किसी पशु-पक्षी को हाथ लगाने से पहले और हाथ लगाने के बाद अपने हाथों को सैनिटाइज जरूर करे.
ऐसे कंट्रोल होंगी जूनोटिक बीमारियां
- जूनोटिक बीमारियों से निपटने को प्लान के तहत तीन लेवल पर सात बड़े काम किए जा रहे हैं.
- नेशनल और स्टेट लेवल पर महामारी की जांच के लिए संयुक्त टीम बनाई गई हैं.
- पशुओं की बीमारी की निगरानी का सिस्टम तैयार किया गया है.
- महामारी फैलने पर संयुक्त टीम रेस्पांस करेगी.
- मिशन के रेग्यूलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने पर काम हो रहा है.
- महामारी फैलने से पहले लोगों को चेतावनी देने के लिए सिस्टम बनाया जा रहा है.
- नेशनल डिजास्टर मैंनेजमेंट अथॉरिटी के साथ मिलकर महामारी की गंभीरता कम की जाएगी.
- प्राथमिक रोगों के टीके और उसका इलाज विकसित करने के लिए तय रिसर्च हो रही है.
- तय वक्त में बीमारी का पता लगाने, जीनोमिक, पर्यावरण निगरानी के फार्मूले तैयार किए जा रहे हैं.
इसलिए शुरू किया गया है NOHM
- कोविड, स्वाइन फ्लू, एशियन फ्लू, इबोला, जीका वायरस, एवियन इंफ्लूंजा बीमारियां फैल रही हैं.
- ऊपर बताई गईं बीमारियों जूनोटिक की कैटेगिरी में आती हैं.
- ऊपर बताई गईं बीमारियों में से ज्यादातर पशु-पक्षियों से इंसानों में आई हैं.
- एक रिपोर्ट के मुताबिक 17 लाख वायरस जंगलों में फैले होते हैं.
- इसमे से बहुत सारे ऐसे वायरस हैं जो जूनोटिक की कैटेगिरी में आते हैं.
- जूनोटिक के विश्व में हर साल 100 करोड़ केस सामने आते हैं.
- विश्व में हर साल 10 लाख मौत जूनोटिक बीमारियों से हो जाती हैं.
- जूनोटिक बीमारियों पर काबू पाने के लिए वर्ल्ड लेवल पर कवायद शुरू हो गई है.
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