FSSAI and Dairy Farm: कार्रवाई और जुर्माने से बचने को अपनाएं FSSAI के ये नियम, पशु भी रहेंगे हेल्दी 

FSSAI and Dairy Farm: कार्रवाई और जुर्माने से बचने को अपनाएं FSSAI के ये नियम, पशु भी रहेंगे हेल्दी 

FSSAI and Dairy Farm अगर डेयरी फार्म में FSSAI के बनाए नियमों के साथ बायो सिक्योरिटी के मानकों का पालन भी कर लिया जाए तो फार्म में संक्रमण फैलने की आशंका दूर हो जाती है. इससे फार्म का उत्पादन भी दूषि‍त नहीं होता है. FSSAI ने नियम तोड़ने वालों के लिए जुर्माना और कार्रवाई करने के नियम भी बनाए हैं. जुर्माने के नुकसान से ज्यादा फायदा ये है कि पशु बीमारी से दूर रहते हैं. 

Advertisement
FSSAI and Dairy Farm: कार्रवाई और जुर्माने से बचने को अपनाएं FSSAI के ये नियम, पशु भी रहेंगे हेल्दी डेयरी से अधिक कमाई की टिप्स

हाल ही में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डेयरी फार्म के लिए एक आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक दूध उत्पादन और दूध से बने प्रोडक्ट का उत्पादन करने वाले डेयरी फार्म और छोटा हो या बड़ा सभी को FSSAI में रजिस्ट्रेशन कराना हो या लाइसेंस लेना होगा. जिसकी इनकम 12 लाख रुपये से कम है उसे रजिस्ट्रेशन कराना होगा और जो 12 लाख रुपये से ज्यादा कमा रहा है उसे लाइसेंस लेना होगा. इसके लिए FSSAI  समय-समय पर चेकिंग भी करेगी. और ये सब किया जा रहा है दूध की गुणवत्ता और पशुओं की हैल्थ बनाए रखने के लिए. 

और इसके लिए जरूरी है कि डेयरी फार्म में साफ-सफाई रहे. डेयरी फार्म में सफाई के लिए केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय खुद भी सोशल मीडिया पर पशुपालकों को जागरुक करता रहता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो फार्म में सफाई रखने से गाय-भैंस को भी बीमारी नहीं होती है. साथ ही पशु का निकाला गया दूध भी दूषि‍त नहीं होता है. इसी के चलते FSSAI ने भी डेयरी फार्म में साफ-सफाई को लेकर कुछ नियम बनाए हैं. 

डेयरी फार्म में रोजाना की सफाई के नियम 

  • डेयरी फार्म में सफाई के लिए हौज पाइप का इस्तेमाल करें. 
  • पाइप की मदद से गोबर और दूसरे कचरे को पानी से एक साथ बहा दें. 
  • ठोस वेस्ट को फावड़ों से इकट्ठा करके ठेला गाड़ी से उठाकर ले जाएं. 
  • बड़ी पशुशालाओं में इसके लिए बैलगाड़ी या ट्रैक्टर ट्रॉली इस्तेमाल की जा सकता है.
  • नाली “यू” आकार की बनवानी चाहिए, गहराई 6-8 सेमी, चौड़ाई 30-40 सेमी होनी चाहिए.
  • डेयरी फार्म और पशुपालन शेड की नालियों में उपयुक्त ढलान रखा जाना चाहिए.
  • बड़े पशु शेड में सभी नालियों को एक में जोड़कर रखना चाहिए.
  • पशुशाला के बाहर हर शेड से निकलने वाली तरल खाद को नालियों खासकर बंद या सतही नाली को मुख्य फार्म वाली नाली से जोड़ देना चाहिए.
  • नाली इस तरल खाद को एक इंस्पेक्शन कक्ष तथा सैटिंग चेम्बर के जरिए से एक तरल खाद स्टोरेज टैंक में ले जाती है.
  • पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो तो प्रेशर द्वारा फर्श को धोकर तरल और ठोस खाद को एक खुली जगह में ले जाना चाहिए.
  • पशुशाला में पर्याप्त चौड़ाई वाली नालियों के नेटवर्क का निर्माण एक अनिवार्य जरूरत है.
  • मिश्रित धोवन पानी को चारा घास के खेतों में सीधे ले जाया जा सकता है या इसे बॉयोगैस संयंत्रों में स्लरी के तौर पर उपयोग किया जा सकता है.
  • ठोस खाद को अलग से इकट्ठा कर खाद के गड्ढे में अच्छे तरीके से स्टोर किया जाना चाहिए. 
  • इस तरह से खाद सही तरह डीकंपोज हो जाएगी और किसी मक्खियों का संक्रमण भी नहीं होगा.

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत

POST A COMMENT