Weather Update: कई राज्यों में हीटवेव और भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने आंधी-ओलावृष्टि पर भी दिया बड़ा अपडेट

Weather Update: कई राज्यों में हीटवेव और भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने आंधी-ओलावृष्टि पर भी दिया बड़ा अपडेट

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने कहीं हीटवेव तो कहीं भारी बारिश और आंधी-ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. 14 मार्च को कई क्षेत्रों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर दिख सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट लेने के संकेत मिले हैं. पढ़ें पूरी खबर...

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 14, 2026,
  • Updated Mar 14, 2026, 7:00 AM IST

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए गर्मी, भारी बारिश और आंधी-ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है. ओडिशा में 14 मार्च को और झारखंड में 14-15 मार्च को लू चलने का अनुमान है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में 14 से 16 मार्च के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी कई जगह तेज बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि 15 और 16 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और आसपास के मैदानी इलाकों में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है.

14 मार्च को देशभर में मौसम का हाल

मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि 14 मार्च को देश के कई हिस्सों में मौसम अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है. पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है. गुजरात, विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. 

वहीं पूर्वोत्तर भारत में मौसम सक्रिय बना रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.

दिल्ली-एनसीआर कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में 14 मार्च को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. दिन के समय पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं की गति करीब 10 किमी प्रति घंटा रह सकती है. 

दोपहर के समय हवा की गति बढ़कर लगभग 16 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. शाम और रात के समय हवा की गति कम होकर करीब 10 किमी प्रति घंटा के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, 15 मार्च को यहां बादल बढ़ने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक की संभावना भी बन सकती है.

क्षेत्रवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 14 मार्च तक हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है. 15 से 19 मार्च के बीच इन इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दायरा बढ़ने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हो सकती है.

इन राज्‍यों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश!

वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 18 मार्च के दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 और 16 मार्च को भारी वर्षा होने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 19 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 

मध्‍य महाराष्‍ट्र में बिजली गिरने की आशंका

मध्य भारत में पश्चिम और पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 15 से 17 मार्च के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिमी भारत में मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 14 से 19 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. दक्षिण भारत में तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में 16 से 19 मार्च के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है.

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने बढ़ते तापमान को देखते हुए किसानों को फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों में नमी की कमी से बचाने के लिए समय-समय पर सिंचाई करना जरूरी बताया गया है. 

तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्रों में सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा देने तथा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को जानवरों के लिए पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध कराने और तेज गर्मी से बचाने के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है.

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